घाटों की जांच करने पहुंचे डीएम, अनियमितता देख बिफरे

Published at :05 Jan 2018 4:33 AM (IST)
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घाटों की जांच करने पहुंचे डीएम, अनियमितता देख बिफरे

जायजा. घाट से मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए बनेगा पथ, सीधे लोगों के घर पहुंचेगा बालू दो दिनों के अंदर व्यवस्था में सुधार लाने की दी गयी हिदायत आरा/चांदी. : खान एवं भूतत्व विभाग के सूबे के सभी बालू घाटों से मुख्य सड़क तक संपर्क पथ के लिए जमीन के अधिग्रहण करने के आदेश […]

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जायजा. घाट से मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए बनेगा पथ, सीधे लोगों के घर पहुंचेगा बालू

दो दिनों के अंदर व्यवस्था में सुधार लाने की दी गयी हिदायत
आरा/चांदी. : खान एवं भूतत्व विभाग के सूबे के सभी बालू घाटों से मुख्य सड़क तक संपर्क पथ के लिए जमीन के अधिग्रहण करने के आदेश के आलोक में डीएम संजीव कुमार बालू घाटों का निरीक्षण के लिए गुरुवार को पहुंचे. इस दौरान जिलाधिकारी ने कोईलवर के टीबी सेनेटोरियम, सदाशिवपुर, मानाचक समेत कई संभावित घाटों का निरीक्षण किया, जहां से बालू घाट का संचालन किया जा सके. बालू घाटों के निरीक्षण के दौरान टीबी सेनेटोरियम घाट पर चल रहे खनन की जांच के दौरान अनियमितता देख डीएम भड़क उठे व संवेदक को दो दिनों के अंदर व्यवस्था सुधार लेने को कहा. उन्होंने कहा कहा कि व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहे. भोजपुर के बालू खदानों से निकला बालू पहले पटना जिले के निसरपुरा स्थित बफर स्टॉक जाता था,
जहां से उपभोक्ताओं को बालू मुहैया करायी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. जिलाधिकारी ने उच्च अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अब घाट से बालू लदे ट्रक सीधे चालान पर अंकित गंतव्य स्थान तक जायेंगे. इस प्रक्रिया से समय की बर्बादी व परेशानियों से काफी हद तक निजात मिल पायेगी. इस दौरान जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक राकेश रंजन को यथाशीघ्र लॉटरी के माध्यम से चयनित रिटेलरों को सक्रिय करने को कहा. मौके पर एडीएम सुरेंद्र प्रसाद, खनन निरीक्षक जयप्रकाश सिंह, खनन विकास पदाधिकारी सुनील कुमार, अंचलाधिकारी कोइलवर मृत्युंजय कुमार समेत कई अधिकारी उपस्थित थे.
घाट से मुख्य सड़क तक जमीन अधिग्रहण करेगी सरकार: बालू घाटों से मुख्य सड़क तक खदान में आने-जाने वाले वाहनों के रास्ते के निर्माण के लिए सरकार जमीन का अधिग्रहण करेगी. इसके लिए सरकार भू-मालिकों से जमीन या तो लीज पर लेगी या फिर उसे अधिग्रहित कर उसे जमीन का मुआवजा देगी. सरकार ने यह फैसला जमीन की अनुपलब्धता के कारण घाटों के संचालन में हो रहे व्यवधान को देखते हुए लिया है.
घाटों पर लगे धर्म कांटा व वाहनों का दर्ज हो रिकॉर्ड: जिलाधिकारी ने संवेदक घाट के रास्ते में इंट्री गेट बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आने-जाने वाले वाहनों के रिकॉर्ड अलग-अलग रजिस्टर में दर्ज करने का निर्देश दिया. धर्म कांटा लगाये जाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश भी दिया, ताकि धांधली को रोका जा सके. खदान के रास्ते को चौड़ा करने को भी कहा, ताकि वाहनों की अनावश्यक भीड़ न हो.
मजदूरों को मिले काम: डीएम के अचानक बालू घाट पर पहुंचने की खबर मिलते ही सैकड़ों मजदूर इकट्ठा हो गये और काम न मिलने की बात कही. इस पर सहायक खनन निदेशक ने संवेदक को दिनों में मजदूरों से काम लेने की हिदायत दी.
साथ ही कार्यरत मजदूरों के लिए मूलभूत सुविधाओं को भी बहाल करने का निर्देश दिया. रात में ढुलाई के दौरान लाइट की व्यवस्था भी संवेदक को करने को कहा.
एनजीटी, सिया व डिया के मानकों का हो पालन
जिलाधिकारी व सहायक निदेशक ने कार्यरत संवेदक तारा रजत इनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हाल में एनजीटी, सिया व डीया के तय मानकों का ख्याल रखा जाये. बालू का खनन किसी भी सूरत में तीन मीटर से ज्यादा गहरा न हो. नियम तोड़ने पर कार्रवाई तय समझें.
बालू माफियाओं पर रखी जा रही नजर
बालू के धंधे में खादी व खाकी की मिलीभगत से अंधाधुंध कमाई का मजा ले चुके धंधेबाजों पर सरकार की भी नजर है. नयी सरकार ने भी बालू के अवैध धंधे को रोकने के लिए कई नियम लागू किये. नये नियमों की धज्जियां उड़ा संबंधित ठेकेदारों ने सरकारी बालू खदान के स्टॉक को भी बेच डाला था, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन को संबंधित ठेकेदारों पर प्राथमिकी दर्ज करानी पड़ी थी.
नहीं उपलब्ध करायी जा रही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सूची
विभाग द्वारा बालू के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वालों की सूची उपलब्ध नहीं करायी जा रही है, जब सूची की मांग की जा रही है तो स्थानीय अधिकारी कह रहे हैं कि पटना मुख्यालय से आदेश के बाद ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों की सूची उपलब्ध करायी जायेगी. इससे विभाग के कार्यप्रणाली का पता चलता है. वहीं, विभाग में हो रही गड़बड़ी के बारे में समझा जा सकता है.
पहुंच वालों को दिया जा रहा है बालू
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद भी पहुंच वाले लोगों को ही बालू उपलब्ध कराया जा रहा है. सामान्य लोगों को बालू नहीं मिल पा रहा है. पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाले इंतजार में ही हैं कि उन्हें बालू उपलब्ध कराया जायेगा, जबकि बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाले को बालू उपलब्ध कराया जा जा रहा है. सरकार की योजना इस कारण दम तोड़ रही है.
बालू विक्रेताओं की दुकानों पर लगा है बालू का ढेर
विभाग की कार्यशैली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नगर सहित जिले में अवैध रूप से बालू की खुदरा बिक्री करने वाले दुकानदारों के दुकान पर बालू का ढेर देखा जा रहा है.
जबकि निजी कार्य के लिए बालू नहीं मिल रहा है. लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि दुकानदारों को कैसे बालू मिल रहा है.
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