बिना मान्यता के लगता है कई जगहों पर पशु मेला सरकार को लग रहा राजस्व का चूना

आरा : जिले में पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए कई मेले लगते हैं, जिनका समय अलग-अलग हैं. इसके माध्यम से किसान पशुओं की खरीद-बिक्री करते हैं, ताकि कृषि कार्य सहित दूध की भी पूर्ति हो सके. नियमानुसार पशु मेला लगाने की प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती है, ताकि किसी भी तरह की समस्या का समाधान […]
आरा : जिले में पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए कई मेले लगते हैं, जिनका समय अलग-अलग हैं. इसके माध्यम से किसान पशुओं की खरीद-बिक्री करते हैं, ताकि कृषि कार्य सहित दूध की भी पूर्ति हो सके. नियमानुसार पशु मेला लगाने की प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती है, ताकि किसी भी तरह की समस्या का समाधान प्रशासन के माध्यम से किया जा सके.
वहीं पशु मेले के माध्यम से सरकार को काफी राजस्व की प्राप्ति होती है. पर जिले में तरारी प्रखंड के मोआप कला गांव में लगनेवाला पशु मेले के लिए प्रशासन द्वारा किसी तरह की मान्यता नहीं दी गयी है. फिर भी धड़ल्ले से मेला लगाया जाता है और पशुओं की खरीद- बिक्री होती है.
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