गैर आवासीय संपत्ति कर में वृद्धि को व्यापारियों ने बताया कुठाराघात

Updated at : 30 Jun 2024 11:05 PM (IST)
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गैर आवासीय संपत्ति कर में वृद्धि को व्यापारियों ने बताया कुठाराघात

नगर निगम की ओर से गैर आवासीय संपत्ति कर में तीन गुना तक वृद्धि के विरोध में व्यापारी प्रतिनिधियों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए रविवार को इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में बैठक की.

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नगर निगम की ओर से गैर आवासीय संपत्ति कर में तीन गुना तक वृद्धि के विरोध में व्यापारी प्रतिनिधियों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए रविवार को इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में बैठक की. बैठक में इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स, क्रेडाई बिल्डर एसोसिएशन, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया आदि के पदाधिकारियों ने एक स्वर में वृद्धि को अव्यवहारिक करार देते हुए विरोध जारी रखने का फैसला लिया. इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव सीए पुनीत चौधरी ने कहा कि यह आम जन तथा व्यवसायियों पर सरकार का कुठाराघात है. जिसका विरोध हर स्तर पर किया जायेगा. क्रेडाई के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा कि ऐसे अव्यवहारिक वृद्धि से व्यवसायिक रियल इस्टेट क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जिससे रोजगार तथा राजस्व की क्षति होगी. इबिया के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने नगर निगम द्वारा गैर आवासीय संपत्ति कर में गुणांक के अनुसार वृद्धि को गैरवाजिब बताया. चेंबर के वरिष्ठ सदस्य रमण साह ने कहा कि ऐसी किसी बढ़ोतरी से पहले सरकार को सभी क्षेत्र के जानकारों से विचार विमर्श करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस वृद्धि से आम जन की कठिनाई बढ़ेगी. चेंबर सचिव प्रदीप जैन ने कहा कि यह बगैर सोची समझी वृद्धि है. इसमें कई विसंगतियां हैं, जिसे सुधारने की जरूरत है. चेंबर के वरीय उपाध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने कहा कि इस वृद्धि से छोटे व्यापारी अधिक कठिनाई में पड़ जाएंगे.

आज पटना में आयोजित बैठक में व्यवसायी प्रतिनिधियों को सौंपा जायेगा पत्र

प्रदेश के अन्य शहरों के व्यवसायिक संगठनों से भी विरोध करने और आपसी समन्वय की अपील पत्र तैयार किया गया है. जिसे चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य अजीत जैन, गिरधर मावांडिया आदि कल पटना में आयोजित एक विभागीय बैठक में विभिन्न शहरों के व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को सौपेंगे. अधिवक्ता सुनील कुमार ने कहा कि सभी संगठनों को भी साथ लेकर विरोध करने की आवश्यकता है. बैठक में सभी संगठनों द्वारा माननीय नगर विकास मंत्री को भेजे गये विरोध पत्र के आधार पर एक संयुक्त पत्र तैयार किया गया, जिसे माननीय नगर विकास मंत्री एवं नगर विकास प्रधान सचिव को भेजा जायेगा. सूचना के अधिकार के अंतर्गत ऐसी अप्रत्याशित वृद्धि की सभी जानकारी मांगी गयी है और उसी आधार पर पटना हाई कोर्ट में इसके विरोध में रिट दाखिल किया जायेगा. यह भी निर्णय लिया गया कि इसी सप्ताह में नगर विकास मंत्री से पटना में संगठनों के प्रतिनिधि से मिलेंगेऔर उनसे इस वृद्धि को वापस लेने का अनुरोध करेंगे. इस अवसर पर नितेश संथालिया, विनीत ढनढनिया, अनिल कड़ेल आदि उपस्थित थे.

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