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Bhagalpur News: गुरु की कृपा से जिसने परमात्मा को अपने अंदर पाया, वही अंदर और बाहर से सुखी

Updated at : 29 May 2025 1:10 AM (IST)
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Bhagalpur News: गुरु की कृपा से जिसने परमात्मा को अपने अंदर पाया, वही अंदर और बाहर से सुखी

महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज के परिनिर्वाण दिवस पर संतों व सत्संगियों ने समाधि स्थल पर की पुष्पांजलि कर, भंडारा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पाया प्रसाद और सत्संग के दाैरान संतों ने किया प्रवचन

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– महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज के परिनिर्वाण दिवस पर संतों व सत्संगियों ने समाधि स्थल पर की पुष्पांजलि कर, भंडारा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पाया प्रसाद और सत्संग के दाैरान संतों ने किया प्रवचन

वरीय संवाददाता, भागलपुर

सब कुछ शरीर के अंदर ही प्राप्त हो सकता है, बाहर नहीं. जो बाहर खोजता है, वह अज्ञानता में खोया रहता है. गुरु की कृपा से जिसने परमात्मा को अपने अंदर पाया, वही जीवात्मा अंदर और बाहर सुखी है. अंदर में ज्योति और शब्द रूप की धारा रिमझिम-रिमझिम बरसती है. उक्त बातें गुरुसेवी भगीरथदास महाराज ने बुधवार को कुप्पाघाट आश्रम में महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज परिनिर्वाण दिवस पर प्रवचन करते हुए हुए कही.वर्तमान आचार्यश्री महर्षि हरिनंदन बाबा, गुरुसेवी भगीरथ बाबा, प्रमोद बाबा, स्वामी सत्यप्रकाश बाबा, स्वामी निर्मल बाबा, कृष्णबल्लभ बाबा, ज्ञानी बाबा, रमेश बाबा, पंकज बाबा, संजय बाबा, महासभा के मंत्री मनु भास्कर, अमित कुमार आदि ने भी सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस को पुष्पांजलि अर्पित की. इधर महामंत्री दिव्य भास्कर ने सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज को याद करते हुए कहा कि सद्गुरु का एक-एक शब्द और वाक्य मानव के लिए प्रेरक है.

शरीर त्याग के दिन महर्षि मेंहीं ने पिया था मूंग दाल की घुघनी का रस, अब बंटता है घुघनी

सुबह में स्तुति, विनती और सदग्रंथ पाठ के बाद गुरुसेवी स्वामी भगीरथ दास महाराज समेत अन्य संत व सत्संगियों ने महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की परंपरा का निर्वहन करते हुए सैकड़ों सत्संगियों व आमलोगों के बीच केला, आम व खीरा का वितरण किया. बताया कि महर्षि मेंहीं परमहंस को केला, खीरा व आम बहुत पसंद था इसलिए इसे श्रद्धालुओं में बांटने की परंपरा शुरू की गयी.सुबह 11 बजे भंडारा का आयोजन किया गया. इसमें हजारों सत्संगियों ने पंक्ति में बैठ कर प्रसाद ग्रहण किया. जिस दिन शरीर छोड़े उस दिन महर्षि मेंहीं परमहंस ने मूंग दाल की घुघनी का रस ग्रहण किया था इसलिए उनकी परंपरा का निर्वहन करते हुए सत्संगियों व श्रद्धालुओं के बीच भंडारा में मूंग की घुघनी का वितरण किया गया.

पांच बार हुआ ध्यानाभ्यास व तीन बार सत्संग का आयोजन

बुधवार को दूर-दूर से आये साधकों के लिए पांच बार ध्यानाभ्यास कार्यक्रम हुआ. तीन बार सत्संग का आयोजन किया गया. स्वामी रविन्द्र बाबा द्वारा स्तुति विनती के साथ सत्संग का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा के मंत्री मनु भास्कर ने किया. स्वामी प्रमोद बाबा ने कहा कि सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस ने समाज के निचले तबकों को आगे बढ़ाया. उनकी चेतनाओं को जागृत किया. मौके पर स्वामी रवींद्र बाबा, स्वामी नंदन बाबा, स्वामी गुरुनंदन बाबा, स्वामी नरेशानंद बाबा, स्वामी विवेकानंद, स्वामी विद्यानंद बाबा आदि संतों ने भी प्रवचन किये. इस मौके पर व्यवस्थापक अजय जायसवाल, स्वामी पंकज बाबा, रमेश बाबा, कृष्ण बल्लभ बाबा, संजय बाबा, ज्ञानी बाबा, अमित कुमार, सूरज कुमार आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJIV KUMAR

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SANJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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