कबीरपुर में जलापूर्ति टैंकर से दब कर मर गये बच्चे के परिजन को मिली मुआवजा राशि

कबीरपुर में जलापूर्ति टैंकर से दुर्घटना में बच्चे की मौत हो गयी थी. निगम प्रशासन ने परिजन को मुआवजा दिया.
वरीय संवाददाता, भागलपुरकबीरपुर में जलापूर्ति टैंकर से दुर्घटना में बच्चे की मौत हो गयी थी. निगम प्रशासन ने परिजन को मुआवजा दिया. मेयर डॉ बसुंधरा लाल ने मृतक के माता-पिता को 99 हजार रुपये का चेक सौंपा. साथ ही उन्हें सांत्वना दी. पानी की किल्लत झेल रहे वार्ड संख्या 12 के कबीरपुर इलाके में नगर निगम की ओर से टैंकर से पानी भेजा गया था. इस दौरान वहां टैंकर से हादसा हो गया. इसकी चपेट में आने से मो मुर्शीद के बेटे की मौत हो गयी. उप नगर आयुक्त राजेश कुमार पासवान, निगम के जलकल प्रभारी जयप्रकाश यादव के साथ मौके पर पहुंचे थे. उप नगर आयुक्त ने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया था. मेयर डॉ बसुंधरा लाल कबीरपुर पहुंचीं और मृत बच्चे के माता-पिता को 99 हजार रुपये का चेक सौंपा. मौके पर डिप्टी मेयर सलाउद्दीन अहसन सहित क्षेत्रीय पार्षद सालेहा रानी व योजना शाखा प्रभारी मो रेहान अहमद उपस्थित थे.
10 से 15 मई तक करें भू विवादों का निपटारा
जिलाधिकारी ने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी भू-विवादों का निपटारा 10 से 15 मई तक कार्ययोजना तैयार कर करें. जिलाधिकारी ने मंगलवार को लंबित कार्यों की समीक्षा के क्रम में पाया कि भूमि विवाद एवं अतिक्रमण से संबंधित काफी संख्या में मामले निष्पादन के लिए लंबित है. मामले के निष्पादन के लिए थाना एवं अंचल स्तर पर प्रत्येक शनिवार को सुनवाई भी की जा रही है.
बायो मेडिकल वेस्ट के उठाव का जिओ लोकेशन वाला फोटो करवाने का निर्देश
जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर संबंधित पदाधिकारी एवं सीएनर्जी कंपनी के साथ बैठक की. सिविल सर्जन अंजना कुमारी ने बताया की सदर अस्पताल सहित जिले की सभी अस्पतालों से एजेंसी द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट (जैव चिकित्सीय अपशिष्ट) का उठाव किया जा रहा है. सीएनर्जी एजेंसी के प्रतिनिधि बबलू नारायण ने बताया कि जिले के लगभग 675 क्लीनिक व नर्सिंग होम से वह बायो मेडिकल वेस्ट का उठाव कर रहे हैं. इसके लिए प्रतिदिन चार गाड़ियां चलती है. उठाव के लिए प्रतिमाह 1814 रुपये चार्ज किया जाता है. पशुपालन विभाग से उठाव नहीं हो रहा है. डीपीएम हेल्थ ने बताया कि करार के अनुसार 48 घंटे में एक बार कचरे का उठाव एजेंसी को करना है. नगर परिषद एवं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि कचरे का उठाव कर लिया जाता है, यह उन्हें मालूम नहीं है. जिलाधिकारी ने एजेंसियों को एक पंजी बना लेने की बात कही. जिसमें उठाव का समय, तिथि अंकित करने के साथ जिओ लोकेशन वाला फोटो करवाने का निर्देश दिया गया. सीएनर्जी के प्रतिनिधि ने बताया कि कंपनी द्वारा सभी संस्थाओं का बार कोडिंग किया जा रहा है, उसके लिए एक ऐप लेना होगा. इसके लिए 7078 रुपया प्रतिवर्ष देना होगा. उल्लेखनीय है कि आईएमए भागलपुर ने इसपर आपत्ति दर्ज कराई है. जिलाधिकारी ने एजेंसी को इस तथ्य से अवगत कराते हुए न्यूनतम व्यय वाले विकल्प को अपनाने का सुझाव दिया है. बैठक में उप विकास आयुक्त, संयुक्त निदेशक जनसंपर्क सहित सभी संबंधित पदाधिकारी थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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