स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत, उनके संदेशों को आगे बढ़ाने को लेकर हम संकल्पित
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 11 Jan 2025 9:18 PM
भागलपुर के युवाओं ने युवा दिवस अर्थात स्वामी विवेकानंद की जयंती को लेकर प्रभात खबर से बातचीत की.
भागलपुर के युवाओं ने युवा दिवस अर्थात स्वामी विवेकानंद की जयंती को लेकर प्रभात खबर से बातचीत की. उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं. उन्होंने कम समय में पूरी दुनिया में शिक्षा को बढ़ावा देने और अंधविश्वास को मिटाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किये. युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया. स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं. उनके संदेशों को आगे बढ़ाने के लिए हम युवा संकल्पित हैं.
युवाओं ने इस तरह कहा
हम युवाओं का आदर्श विवेकानंद होना चाहिए और हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए. सभी वर्गों के लिए उनमें समान भाव था.कुमार गौरव, युवा शिक्षक
————स्वामी विवेकानंद से सीख लेने की जरूरत आज भी है. स्त्रियों का सम्मान और समानता का भाव उनसे सीखना चाहिए.
मुस्कान कुमारी, मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर————
विवेकानंद हम युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं. उनसे हम सभी जीवों के प्रति दया भाव सीखते हैं. लोगों को उनके संदेश को आत्मसात करना चाहिए.दीपशिखा कुमारी, छोटी खंजरपुर
———— स्वामी विवेकानंद से हम स्वयं पर भरोसा करना सीखते हैं. किसी भी परिस्थिति में संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए. आत्मविश्वास के साथ परिश्रम की जरूरत है.ज्योति भारती, बड़ी खंजरपुर
————- स्वामी विवेकानंद से हम सीखते हैं कि हमें कभी भी जनसामान्य की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए. दीन-हीनों की सेवा करनी चाहिए.अभिलाषा ठाकुर, आदमपुर
———–विवेकानंद से हम तर्कशीलता सीखते हैं. बिना किसी प्रमाण के किसी की बात पर यूं ही भरोसा नहीं करना चाहिए. अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देना चाहिए.
कुमार आनंद, छात्र, कोयलाघाट————
विवेकानंद से हम चरित्र निर्माण के गुण सीखते हैं. समाज में आज चरित्र निर्माण करने वाली शिक्षा का अभाव है. यह भी सिलेबस का पार्ट होना चाहिए.रिमझिम, छात्रा, एसएम कॉलेज
————–आजकल के युवाओं को विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होने की जरूरत है. उनके विचार हम युवाओं के लिए गुरु मंत्र के समान है.
वैष्णवी, छात्रा———–
पढ़ाई के साथ साथ युवाओं को मैदानी गतिविधि में भी भाग लेना चाहिए. विवेकानंद ने कहा था कि किताबें पढ़ने से बेहतर है फुटबॉल खेलो.सन्नी कुमार, पुलिस लाइन, पानी टंकी, तिलकामांझी
————–विवेकानंद से हम सीखते हैं कि जब तक हमें सफलता नहीं मिल जाये, तब तक लगातार प्रयास करते रहना चाहिए.
राज ठाकुर, छात्र, बरारी ————स्वामी विवेकानंद ने हमें सिखाया है कि हमें किसी भी धर्म का अपमान नहीं करना चाहिए. अपने धर्म को सर्वोच्च बताना भी दूसरे धर्म का अपमान है.
वर्षा, छात्रा, एसएम कॉलेजडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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