bhagalpur news. इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की वैधता एक से बढ़ाकर तीन वर्ष करने का दिया सुझाव

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bhagalpur news. इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की वैधता एक से बढ़ाकर तीन वर्ष करने का दिया सुझाव

उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र को लेकर और उच्च जातियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विकास के लिए समीक्षा भवन में बुधवार को बैठक की गयी.

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उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र को लेकर और उच्च जातियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विकास के लिए समीक्षा भवन में बुधवार को बैठक की गयी. इसमें प्रबुद्धजनों से सुझाव प्राप्त किया गया. लोगों ने इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की वैधता एक वर्ष से बढ़ा कर तीन वर्ष करने सहित कई सुझाव दिये. जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बताया कि बिहार में आरटीपीएस के माध्यम से इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है और उसके लिए अधिकतम 10 दिनों की समयसीमा निर्धारित है. लेकिन भागलपुर में 48 घंटे से लेकर पांच दिनों के अंदर प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है. यहां 99.70 प्रतिशत प्रमाणपत्र निर्गत है. इस मौके पर आयोग के उप सचिव शैलेंद्र झा, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था राकेश रंजन, जिला भू अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी अनिल कुमार राय, जनसंपर्क के संयुक्त निदेशक नागेंद्र कुमार गुप्ता, एसडीओ विकास कुमार व बांका जिला के निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण श्रीनिवास आदि उपस्थित थे. —————— यूजीसी विनियम राज्य आयोग के दायरे में नहीं, नो कमेंट : सिंह बैठक के बाद सदस्य श्री सिंह ने जिला अतिथि गृह में प्रेसवार्ता की. बैठक में कुछ लोगों द्वारा सिर्फ इडब्ल्यूएस पर बैठक होने पर एतराज जताने के सवाल को श्री सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया. लोगों ने यूजीसी अधिनियम पर सवाल उठाये थे, लेकिन इस पर बैठक में चर्चा नहीं होने की बात पर श्री सिंह ने कहा कि यह राज्य आयोग के दायरे में नहीं आता है, लिहाजा इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते. लेकिन लोगों की बात राज्य सरकार तक पहुंचायी जायेगी. उन्होंने कहा कि यह प्रमंडलीय बैठक थी. लेकिन बांका के डीएम नहीं पहुंचे. इस कारण बांका जिले की समीक्षा नहीं हो सकी. बाद में बांका के लिए तिथि निर्धारित की जायेगी. भागलपुर के बाद मुंगेर में बैठक होगी. इसके बाद राज्य सरकार को राज्य में हुई कुल आठ बैठकों में इडब्ल्यूएस पर मिले सुझाव सौंपे जायेंगे. ——————— लोगों के सुझाव –इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की वैधता एक से विस्तारित करते हुए तीन वर्ष हो. –केंद्रीय व नवोदय विद्यालयों में अन्य वर्गों की तरह इडब्ल्यूएस वर्ग के बच्चों को भी नामांकन में सीट आरक्षण मिले. –इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र निर्गत करने के लिए तय मापदंड को सुगम बनाया जाये. –राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में इडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र सीमा पुरुषों के लिए 40 वर्ष व महिलाओं के लिए 45 वर्ष की जाये. –प्राक प्रशिक्षण संस्थान में इडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी इसका लाभ प्राप्त हो. –बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सफल इडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी प्रोत्साहन राशि के रूप में 50,000 रुपये की राशि दी जाये.

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निशिरंजन ठाकुर

लेखक के बारे में

By निशिरंजन ठाकुर

निशिरंजन ठाकुर मुख्यधारा की पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक समय से सक्रिय. साहित्यिक विषयों में भी गहरी रूचि. खबरों में तथ्य के साथ मानवीय संवेदना और भाषा की सादगी को अहम मानते हैं.

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