bhagalpur news.अतिक्रमण हटाने के क्रम में डराने-धमकाने के बाद दुकानदार की अकस्मात मौत, तीन घंटे सड़क जाम

Updated at : 09 Mar 2025 8:22 PM (IST)
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bhagalpur news.अतिक्रमण हटाने के क्रम में डराने-धमकाने के बाद दुकानदार की अकस्मात मौत, तीन घंटे सड़क जाम

अतिक्रमण हटाने के दौरान दुकानदार की हार्ट अटैक से मौत.

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-घंटाघर चौक पर 40 वर्षों से फल की दुकान लगा रहे थे महेंद्र साह, हार्ट अटैक से मृत्यु होने की बात आ रही है सामने

संवाददाता, भागलपुर

नगर निगम की ओर से घंटाघर चौक पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस द्वारा डराने-धमकाने के बाद फल विक्रेता महेंद्र साह (60) की अचानक मौत हो गयी. हार्ट अटैक से मृत्यु की बात सामने आ रही है. दोपहर 12 बजे अतिक्रमण हटाया जा रहा था. इससे फुटकर विक्रेता आक्रोशित हो गये. मृतक के शव को ठेले पर रख कर घंटाघर चौक के पास सड़क को जाम कर दिया. टायर जला कर सड़क पर आगजनी की गयी और फल रखने वाले प्लास्टिक के खाली बास्केट को रख कर सड़क को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया. देखते ही देखते चारों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. राहगीरों के साथ भी आक्रोशित लोगों ने बदसलूकी भी की. सिटी डीएसपी अजय चौधरी और सदर एसडीओ धनंजय कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्हें पुरजोर विरोध का सामना करना पड़ा. आक्रोशित लोग मृतक के परिजनों के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग कर रहे थे. दोपहर बाद तीन बजे प्रशासन द्वारा मुआवजा और नियमानुसार नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद मृतक के परिजन शव को सड़क से हटाने को तैयार हुए. फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए जेएलएनएमसीएच भेजा गया. वहां भी परिजन मांगों के पूरा होने की गारंटी को लेकर कुछ देर हंगामा करते रहे. फिर एसडीएम ने वहां पहुंचकर लोगों को शांत किया और देर शाम जोगसर थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया.

मृतक के परिजनों ने कहा, ट्रैफिक डीएसपी द्वारा डराने धमकाने से हुई महेंद्र की मृत्यु

स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक महेंद्र साह घंटाघर चौक पर 40 वर्षों से दुकान लगा रहे थे. उनके तीनों पुत्र भी पिता के पुस्तैनी धंधे को ही संभाल रहे थे. परिजनों का आरोप है कि शनिवार को ट्रैफिक डीएसपी का वाहन माइकिंग करते हुए मौके पर पहुंचा. ट्रैफिक डीएसपी लोगों को जल्दी दुकान हटाने को लेकर डराने धमकाने लगे. महेंद्र साह डर कर भागने लगे, इस क्रम में वे गिर गए. फिर मौके पर मौजूद लोगों द्वारा उन्हें उठाने का प्रयास किया, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी. परिजनों ने बताया कि महेंद्र साह को दिल की बीमारी थी और तिलकामांझी स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां उनका इलाज चल रहा था. मृतक के परिजनों का आरोप है कि ट्रैफिक डीएसपी द्वारा डराने धमकाने के कारण ही महेंद्र साह की मृत्यु हुई है.

परिजनों के आरोपों की होगी जांच

सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी ने कहा कि परिजनों का जो भी आरोप है, लिखित आवेदन मिलने पर विधिवत जांच कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी. पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है.

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