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bhagalpur news. पूर्व कुलपति के समय हुई शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की कमेटी करेगी जांच

टीएमबीयू के पूर्व कुलपति प्रो जवाहर लाल के कार्यकाल में शिक्षकों की हुई प्रतिनियुक्ति की जांच होगी

टीएमबीयू के पूर्व कुलपति प्रो जवाहर लाल के कार्यकाल में शिक्षकों की हुई प्रतिनियुक्ति की जांच होगी. तीन सिंडिकेट सदस्य की कमेटी पूरे मामले की जांच कर सात दिनों के भीतर विवि प्रशासन को रिपोर्ट देगी. पूर्व कुलपति के कार्यकाल में दो दर्जन के करीब शिक्षकों का कॉलेज से कॉलेज व पीजी विभाग में नियम का उल्लंघन कर प्रतिनियुक्ति की गयी है. प्रतिनियुक्ति के दौरान दूर-दराज कॉलेज के शिक्षक मुख्यालय के कॉलेज व पीजी विभाग में सेवा दे रहे है, जबकि मुख्यालय के कॉलेज व पीजी के शिक्षक दूर-दराज के कॉलेजों में प्रतिनियुक्ति के नाम पर भेजे गये. दरअसल, मंगलवार को मारवाड़ी कॉलेज के महिला विंग में विवि के बजट को लेकर सिंडिकेट की बैठक हुई थी, जिसमें कुल 15 एजेंडा पर मंथन हुआ. इसमें एक एजेंडा मुरारका कॉलेज सुलतानगंज के फिजिक्स के शिक्षक डॉ कौशलेंद्र प्रसाद सिंह का स्थानांतरण टीएनबी कॉलेज में वापस लाने का था. पूर्व कुलपति प्रो जवाहर लाल के समय डॉ कौशलेंद्र की प्रतिनियुक्ति मुरारका कॉलेज में किया था.

सदस्य डॉ मुश्फिक आलम ने सदन में मामले को लेकर सवाल उठाया. इस बाबत सदन के अध्यक्ष सह प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने कहा कि उन्हें वापस स्थानांतरण करने का अधिकार नहीं है, लेकिन ऐसे और कई मामले हैं. सभी को लेकर तीन सिंडिकेट सदस्य वाली जांच कमेटी बनायी जायेगी. एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देंगे. उस रिपोर्ट को लोकभवन भेजा जायेगा. वहां से अधिकार मिलते ही उन शिक्षकों का प्रतिनियुक्ति को वापस करते हुए मूल स्थान स्थानांतरण किया जायेगा. इसे लेकर प्रभारी कुलपति ने रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है.

शिक्षकों का प्रमोशन व सेवा संपुष्टि 17 के बाद

सदन में सदस्य ने नये बचे शिक्षकों के प्रमोशन व सेवा संपुष्टि का मामला भी उठाया. प्रभारी कुलपति ने कहा कि सीनेट की बैठक के बाद इस दिशा में काम किया जायेगा. नये शिक्षक जिनका प्रमोशन बचा है, उन्हें दिया जायेगा. साथ ही नये शिक्षकों की सेवा संपुष्टि नहीं हुई, उनका किया जायेगा. सदस्य ने विवि व कॉलेजों के कर्मचारियों के प्रमोशन का भी मुद्दा रखा. इस बाबत प्रभारी कुलपति ने रजिस्ट्रार को निर्देशित किया.

अतिथि शिक्षक बहाली की हो सकती है जांच

सदन को बताया गया कि विवि में अतिथि शिक्षक बहाली में गड़बड़ी को लेकर जांच कभी भी शुरू हो सकती है. इसे लेकर लोकभवन सख्त है. ऐसे में आठ माह पहले विवि में नियुक्त हुए अतिथि शिक्षक की मुश्किलें और बढ़ सकती है. सदन ने उनलोगों के भुगतान को लेकर कोई जिक्र नहीं किया. विवि अंदरखाना की मानें, तो विवि के अधिकारी भी मान रहे है कि अतिथि शिक्षक बहाली में धांधली हुई है.

एक्ट में डीएसडब्ल्यू बनने पर लेने होंगे लियन

सदन में सिंडिकेट सदस्य डॉ मुश्फिक आलम ने कहा कि पीजी विभाग के हेड व डीएसडब्ल्यू एक साथ दोनों पद पर नहीं रह सकते है. क्योंकि दोनों जगहों पर फूल टाइम सेवा है. उन्होंने सदन में विवि एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह का मामला आने पर विभाग के हेड को लियन लेने होंगे. तभी फूल टाइम डीएसडब्ल्यू पद पर सेवा दे सकते है, लेकिन उनका वेतन भुगतान मूल स्थान से किया जायेगा. उन्होंने सदन में कहा कि विवि में एक्ट को दरकिनार कर डीएसडब्ल्यू बना दिया जाता है. ऐसे में फूल टाइम कहीं नहीं दे पा रहे हैं. वहीं, प्रभारी कुलपति ने सीनेट की बैठक के बाद मामले को देखे जाने की बात कही.

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