bhagalpur news.पीरपैंती में सौर उर्जा परियोजना के लिए चिह्नित जमीन की खोजबीन शुरू

Updated at : 05 Mar 2025 10:54 PM (IST)
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bhagalpur news.पीरपैंती में सौर उर्जा परियोजना के लिए चिह्नित जमीन की खोजबीन शुरू

पीरपैंती में सौर उर्जा प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित जमीन की खोज शुरू.

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-पावर जेनरेशन कंपनी के एमडी ने डीएम को लिखा पत्र और बिहार सरकार की 112.26 एकड़ भूमि लीज पर देने का प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार को तुरंत भेजने को कहा वरीय संवाददाता, भागलपुरजिले के पीरपैंती में सौर उर्जा परियोजना के लिए चिह्नित जमीन की खोजबीन शुरू हो गयी है. बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड को जानकारी मिली है कि जितनी जमीन चिह्नित की गयी है, उनमें कुछ की अभी तक हस्तांतरण नहीं हो सका है. यानी, वह बिहार सकार की भूमि है और अंतर विभागीय हस्तांतरण नहीं हुआ है. इस वजह से आगे की कार्यवाही बाधित है. हस्तांतरण नहीं होने वाली बिहार सरकार की भूमि सर्व साधारण 20.99 एकड़ एवं बिहार सरकार की 112.26 एकड़ है. इस परियोजना के लिए 1179.08 एकड़ भूमि की आवश्यकता है और यह चिह्नित की गयी है.

बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नीलेश रामचंद्र देवरे ने जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी को पत्र लिखा है और भूमि को लीज पर देने का प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना को अविलंब भेजने की बात कही है. दरअसल, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि उर्जा विभाग की ओर से मार्च 2022 में निर्णय लिया गया है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना एवं बिहार खास महाल कजरा में सौर उर्जा परियोजना के लिए उपलब्ध भूमि को 33 वर्षों के लिए एक रुपये प्रति वर्ष के सांकेतिक दर पर लीज पर उपलब्ध कराया जायेगा. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संपर्क करने पर जानकारी मिली की लीज निष्पादन के लिए विधिवत प्रस्ताव जिला से अप्राप्त है, जिसके कारण लीज का निष्पादन अबतक नहीं हो सका है.

चिह्नित जगह अब थर्मल पावर प्लांट बनेगा

बताया जाता है कि सौर उर्जा के लिए जो भूमि चिह्नित की गयी है, उस पर अब थर्मल पावर प्लांट का निर्माण होगा और इसलिए हस्तांतरण के लिए जितनी भूमि रह गयी है, उसकी खोजबीन की जा रही है. इसी संबंध में पावर जेनरेशन कंपनी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है.

ये रही वजह

सौर उर्जा परियोजना पर काम नहीं होने की वजह यह बतायी जा रही है कि चिह्नित भूमि उखड़-खाबड़ है और नाले का पानी जमा रहता है. हालांकि, यह भी बात सामने आयी है कि इस पर जब थर्मल पावर प्लांट बनेगा, तो कुछ बच जाने वाली जमीन पर सौर ऊर्जा परियोजना पर काम हो सकता है.

इन मौजा में रह गयी जमीन हस्तांतरण होना

सिरमतपुर में 1.62 एकड़, मुंडवा एवं तुंडवा में 15.30 एकड़, हरिणकोल में 24.94 एकड़ एवं हरिणकोल के दूसरे भाग में 70.40 एकड़ बिहार सरकार की भूमि हस्तांतरण के लिए रह गयी है.

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