पीएम मोदी ने रखी थी भागलपुर में समानांतर पुल की आधारशिला, लेकिन दो माह बाद भी ठेकेदार का चयन नहीं, लटकी योजना

उत्तर व पूर्व बिहार को जोड़ने वाली सिल्क सिटी की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए जिस जगह समानांतर पुल बनाने की कवायद चल रही है, उसमें अभी पेच ही पेच है. समानांतर पुल निर्माण का कार्य शुरू होना तो दूर, शिलान्यास के दो माह बाद भी न तो टेंडर फाइनल हो सका है और न ही ठेकेदार का चयन. आचार संहिता के कारण फाइनेंसियल बिड नहीं खुला और अभी कोई अड़चन नहीं है तो भी इसे अधर में लटका कर छोड़ दिया गया है.
उत्तर व पूर्व बिहार को जोड़ने वाली सिल्क सिटी की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए जिस जगह समानांतर पुल बनाने की कवायद चल रही है, उसमें अभी पेच ही पेच है. समानांतर पुल निर्माण का कार्य शुरू होना तो दूर, शिलान्यास के दो माह बाद भी न तो टेंडर फाइनल हो सका है और न ही ठेकेदार का चयन. आचार संहिता के कारण फाइनेंसियल बिड नहीं खुला और अभी कोई अड़चन नहीं है तो भी इसे अधर में लटका कर छोड़ दिया गया है.
आचार संहिता से पहले सितंबर में ही टेक्निकल बिड खुला है, जिसमें एलएंडटी और एसपी सिंघला समेत आधा दर्जन कंपनियों ने टेंडर डाला है. टेक्निकल बिड में सफल कार्य एजेंसियों का ही फाइनेंसियल बिड खुलना है. वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद ही समानांतर पुल निर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा.
कोरोना महामारी से विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल निर्माण के टेंडर में विदेशी एजेंसी भाग नहीं ले सकी है. अगुवानी घाट ब्रिज निर्माण के टेंडर में चाइना और जर्मनी की एजेंसियों ने भाग लिया था.
विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल के निर्माण पर 958.35 करोड़ खर्च आयेगा. इतनी ही राशि का टेंडर वेल्यू है. टेंडर की प्रक्रिया सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, नयी दिल्ली से अपनायी जा रही है. भूमि अधिग्रहण का भी कार्य प्रगति पर है. तभी यह बात सामने आ चुकी है कि टेंडर फाइनल होने और गंगा में पुल बनने तक अप्रोच रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा करा लिया जायेगा.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 सितंबर को ही वीडियो कांफ्रेंस से समानांतर पुल की आधारशिला रखी है. तब एक उम्मीद जगी थी कि अब कुछ दिनों में ही काम भी शुरू हो जायेगा. आधारशिला के दो माह बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चार मार्च 2016 को भागलपुर यात्रा के दौरान विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल बनाने की घोषणा की थी. घोषणा के डेढ़ साल बाद डीपीआर के लिए एजेंसी का चयन हुआ. 2018 में पुल निर्माण निगम की कंसल्टेंसी एजेंसी ने समानांतर पुल का डीपीआर बनाकर मंत्रालय को सौंप दिया था.
समानांतर पुल के निर्माण से विक्रमशिला पुल पर गाड़ियों का दबाव कम होगा. अभियंताओं के अनुसार पुराने पुल की उम्र भी बढ़ जायेगी. विक्रमशिला पुल से खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर व बांका सहित झारखंड और बंगाल के रास्ते आने-जाने वाली गाड़ियों का आवागमन होता है. लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है.
समानांतर पुल का फाइनेंसियल बिड अभी तक नहीं खुला है. अगले सप्ताह में बिड खुलने की उम्मीद है. टेक्निकल बिड पहले ही खुल चुका है. भोलानाथ फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर भी कोई अपडेट नहीं है. डीपीआर मुख्यालय में है. सुपरविजन चार्ज नहीं मिलने से रेलवे भी स्वीकृत ड्राइंग नहीं दिया है.
रामसुरेश राय, सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर
पुल निर्माण निगम कार्य प्रमंडल, भागलपुर
Posted by: Thakur Shaktilochan
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By Prabhat Khabar News Desk
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