bhagalpur news. मां के संस्कार से ही समाज का होता है निर्माण - प्राचार्य

Published by :ATUL KUMAR
Published at :10 May 2026 12:31 AM (IST)
विज्ञापन
bhagalpur news. मां के संस्कार से ही समाज का होता है निर्माण - प्राचार्य

मातृ दिवस के पूर्व संध्या के अवसर पर शनिवार को सबौर कॉलेज में एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन सबौर महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ नाज प्रवीण की अध्यक्षता में आयोजित की गयी

विज्ञापन

मातृ दिवस के पूर्व संध्या के अवसर पर शनिवार को सबौर कॉलेज में एक भावपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन सबौर महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ नाज प्रवीण की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इस अवसर पर माता के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और प्रेम व्यक्त किया गया. तथा उनके त्याग, समर्पण और निस्वार्थ स्नेह को श्रद्धा पूर्वक नमन किया गया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक गण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को माता के महत्व से अवगत कराना तथा उनके प्रति आदर और संवेदनशीलता विकसित करना था. इस अवसर पर डॉ नाज प्रवीण ने महाविद्यालय में उपस्थित सभी महिला माता शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. सम्मानित होने वाली शिक्षिकाओं में डॉ रंजना कुमारी, डॉ बी नूरजहां, डॉ मोहिनी कुमारी, डॉ कुमारी मधुलता, डॉ दिव्या ज्योति, डॉ शशि माला, डां ज्योत्सना तिवारी एवं लिपिक सुगंध झा और निशांत शम्स थे. प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि मां केवल एक शब्द नहीं बल्कि प्रेम, त्याग, करुणा और प्रेरणा का संजीव स्वरूप है. कहा कि मां ही बच्चे की प्रथम गुरु होती है और उनके संस्कारों से ही समाज का निर्माण होता है. शिक्षकों ने माता के सम्मान में कविता पाठ करते हुये अपने विचारों की अभिव्यक्ति एवं भावपूर्ण संदेश प्रस्तुत किया. कई शिक्षकों ने अपनी माता के संघर्ष, त्याग और प्रेरणा से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव साझा किये. इस अवसर पर डॉ शहाबुद्दीन, डाॅ मणिलाल पासवान, डॉ अनिता कुमारी, डॉ मेघा सिंह, डॉ राजीव पोद्दार, डॉ अखिलेश कुमार मंडल और डॉ सरोज कुमार प्रधान सहायक राकेश ठाकुर एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी देवनाथ चौधरी, रमाकांत मिश्रा, अविनाश ठाकुर, अमरनाथ राय ने भी अपने विचार रखें. डॉ मयंक वत्स ने सबौर कॉलेज की सभी कार्यरत शिक्षिकाओं एवं गैर शिक्षक कर्मियों को जो अपने पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ मातृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है. कहा कि ऐसी माताएं अपने समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से केवल अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य का निर्माण करती है. बल्कि महाविद्यालय की प्रगति और शैक्षणिक वातावरण को भी सशक्त बनाती है. अंत में सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा छात्र-छात्राओं ने अपनी माता का सदैव सम्मान करने एवं उनकी सेवा करने तथा उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया.

विज्ञापन
ATUL KUMAR

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन