ePaper

Bhagalpur news मकर संक्रांति को ले सजा बाजार, तिलकुट की मांग

Updated at : 13 Jan 2026 1:22 AM (IST)
विज्ञापन
Bhagalpur news मकर संक्रांति को ले सजा बाजार, तिलकुट की मांग

बाजार में तिल से बनी सामग्रियों का बाजार सज गया है. मकर संक्रांति में तिल और गुड़ से बने लड्डू गाजक, रेवड़ी, पापड़ी तिलकूट जैसे चीजों का बिक्री बढ़ गयी है.

विज्ञापन

हर साल की भांति इस वर्ष भी मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जायेगा. बाजार में इससे संबंधित खरीदारी करने वाले की काफी भीड़ देखी जा रही है. मकर संक्रांति में तिल का दान पुण्य माना जाता है. ऐसे में लोग तिल का दान करने के साथ ही तिल के सामग्री का सेवन भी करते हैं. कहलगांव बाजार में तिल से बनी सामग्रियों का बाजार सज गया है. मकर संक्रांति में तिल और गुड़ से बने लड्डू गाजक, रेवड़ी, पापड़ी तिलकूट जैसे चीजों का बिक्री बढ़ गयी है. लोग इन चीजों का दान करने के साथ ही इसका सेवन भी करते हैं. ठंड के समय इसकी तासीर गर्म होती है. ठंड के मौसम में मकर संक्रांति का पर्व आता है. तिल के बने सामग्री लोगों को खाने के लिए मिल जाते हैं, लेकिन कुछ गरीब लोग होते हैं, जिन्हें नहीं मिल पाता है. ऐसे में ऋषि मुनियों ने दान से जोड़ा, ताकि गरीबों को भी इसका फायदा मिल सके. दुकानदार रिंकू, माशुम, अनिल, चिकू बताते हैं कि पहले की तुलना में अभी कम बिक्री होती. पहले चीनी से बने तिलकुट लोग खरीदते थे. अब बाजार में कई तरह के तिलकुट आ गया है, जिसे लोग खरीद रहे हैं.

मकर संक्रांति को लेकर बाजार में रौनक

मकर संक्रांति से पिछले दो तीन दिनों से बाजार में खरीदारों की भीड़ से रौनक बढ़ गयी है. बड़े पैमाने पर तिलबा व तिलकुट का निर्माण कर दुकानों में बेचा जा रहा है. चूड़ा मिल में चूड़ा कुटाई के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ देखी जा रही है. किराना दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकानों में विभिन्न किस्म के चूड़ा, गुड़, तिलकुट व तिलवा बेचने का काम शुरु कर दिये हैं. सुकटिया बाजार, अभिया बाजार सहित अन्य ग्रामीण बाजारों में चहल बढ़ गयी है.

मकर संक्रांति पर दूध की कीमत में उछाल

मकर संक्रांति पर दूध की किल्लत होने से महंगे दर पर लोग दूध खरीदने को विवश हैं. सामान्य दिनों में जहां भैंस के दूध की कीमत साठ रुपये व गाय के दूध की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर थी. आज दूध की कीमत सौ रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गयी है. मकर संक्रांति पर हर सनातनी परिवार में दही-चूड़ा भोजन के रूप में आवश्यक होने से दूध की कीमत आसमान में है. मौके पर बड़े पैमाने पर अपनी बेटियों के ससुराल में दही भेजने की परंपरा होने से दूध की मांग बढ़ जाती है. दूध कारोबारी बाबू टोला कमलाकुंड के चन्द्रमोहन यादव ने बताया कि ठंड में दूध का आमद कम हो जाता है.मकर संक्रांति का पर्व सभी लोगों के द्वारा मनाने से अचानक दूध की मांग बढ जाती है. पशुपालक दूध की कीमत मांग के अनुरूप बढ़ा देते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
JITENDRA TOMAR

लेखक के बारे में

By JITENDRA TOMAR

JITENDRA TOMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन