कहीं आपका FASTag तो नहीं हो गया बंद? सफर से पहले ऐसे करें स्टेटस चेक

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Apr 2026 9:44 PM

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FASTag इनएक्टिव होने पर टोल पर डबल चार्ज देना पड़ सकता है. सफर से पहले NPCI पोर्टल पर सिर्फ गाड़ी नंबर डालकर तुरंत जानें FASTag स्टेटस और बचें परेशानी से.

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हाईवे पर बिना रुके सफर का सबसे बड़ा सहारा बना FASTag अगर अचानक काम करना बंद कर दे, तो आपकी यात्रा परेशानी में बदल सकती है. कई वाहन मालिकों को टोल प्लाजा पर तब झटका लगता है, जब FASTag इनएक्टिव होने के कारण उन्हें दोगुना टोल देना पड़ता है. अच्छी बात यह है कि अब आप घर बैठे ही कुछ आसान स्टेप्स में अपने FASTag का स्टेटस चेक कर सकते हैं और समय रहते समस्या से बच सकते हैं.

FASTag क्या है और क्यों जरूरी है एक्टिव रहना?

FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक के जरिये टोल प्लाजा पर बिना रुके भुगतान की सुविधा देता है. अगर यह एक्टिव है, तो गाड़ी सीधे टोल पार कर जाती है. लेकिन जैसे ही यह इनएक्टिव होता है, सिस्टम इसे पहचान नहीं पाता और ड्राइवर को मैन्युअल पेमेंट करना पड़ता है- अक्सर डबल चार्ज के साथ.

कैसे करें FASTag स्टेटस चेक?

अब FASTag की स्थिति जानना पहले से ज्यादा आसान हो गया है. इसके लिए आपको किसी ओटीपी या लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती.

आप सीधे NPCI के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘NETC FASTag Status’ सेक्शन में अपने वाहन का नंबर दर्ज करें. कुछ ही सेकंड में आपको यह जानकारी मिल जाएगी कि आपका FASTag एक्टिव है या नहीं.

साथ ही, यहां से आप यह भी जान सकते हैं कि FASTag किस बैंक द्वारा जारी किया गया है और इसे कब जारी किया गया था.

इनएक्टिव FASTag होने पर क्या करें?

अगर आपका FASTag निष्क्रिय दिखता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले उस बैंक या एजेंसी से संपर्क करें जिसने आपका FASTag जारी किया था. कई बार केवाईसी अधूरी होने या बैलेंस की समस्या के कारण भी यह बंद हो सकता है.

अगर समस्या हल नहीं होती, तो पुराने FASTag को सरेंडर कर नया FASTag लेना भी एक आसान विकल्प है. नया FASTag खरीदने की प्रक्रिया भी बेहद आसान है और ज्यादातर बैंक इसे तुरंत जारी कर देते हैं.

सफर से पहले क्यों जरूरी है यह जांच?

आज के समय में FASTag सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है. बिना एक्टिव FASTag के सफर करने का मतलब है समय की बर्बादी और अतिरिक्त खर्च. इसलिए हर लंबी यात्रा से पहले इसका स्टेटस चेक करना एक स्मार्ट आदत हो सकती है.

यह छोटा सा कदम आपको टोल प्लाजा पर होने वाली बड़ी परेशानी से बचा सकता है.

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लेखक के बारे में

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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