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जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बहुत ही दुर्लभ

Updated at : 09 Jan 2025 9:11 PM (IST)
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जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बहुत ही दुर्लभ

जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बहुत ही दुर्लभ है. कथा सुनते समय कथा के बताए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करना चाहिए.

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जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बहुत ही दुर्लभ है. कथा सुनते समय कथा के बताए मार्ग पर चलकर परमार्थ का काम करना चाहिए. उक्त बातें वृंदावन से पधारे पंडित रविशंकर शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन गुरुवार को बूढ़ानाथ मसानी काली परिसर में प्रवचन करते हुए कही. भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का आयोजन किया गया. इस दौरान झांकी सजायी गयी, जिसे देखकर श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाकर झूमने लगे. कहा कि ईश्वर को पाने के लिए विश्वास व प्रेम की आवश्यकता है, जैसे गोपियों व मीरा ने किया. आयोजन में समिति के संयोजक मुकेश सिंह, अध्यक्ष अभय कुमार घोष सोनू, महामंत्री सुधीर भगत, उपाध्यक्ष निरंजन सिंह, ओमप्रकाश मंडल, कोषाध्यक्ष आलोक सिंह, मंत्री मुकुल सिंह, मोहित सिंह, माखन सिंह, शेखर मंडल, अमित कुमार, विष्णु मंडल, पार्थो घोष, आनंद पासवान, गिरधर पोद्दार, रवि गुप्ता, शांतनु कुमार, मनीष कुमार, संतोष राम का योगदान रहा. ———— गोकुल की गलियों में मचा शोर, माखन खा गया माखन चोर पर झूमे श्रद्धालु राजस्थान से पधारे कथा व्यास पंडित उमेश शास्त्री ने खाटू श्याम मंदिर मंदरोजा में भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का व्याख्यान किया. इस दौरान उन्होंने गोकुल की गलियों में मच गया शोर, माखन खा गया माखन चोर…भजन गाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया. उन्होंने बताया कि नंद बाबा के यहां किस प्रकार से कन्हैया आए और धूमधाम से उत्सव मनाया गया. बृज मंडल के गोप और गोपियों ने आकर नंद बाबा और यशोदा मैया को बधाई दी. आद भागों को बखान किया. इस मौके पर श्यामसुंदर डेबरा, विक्की डेबरा आदि उपस्थित थे.

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