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Bhagalpur news गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई गांव डूबे, लोग कर रहे पलायन

Updated at : 09 Aug 2025 2:05 AM (IST)
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Bhagalpur news गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई गांव डूबे, लोग कर रहे पलायन

पंचायतों में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है. गनगनिया से महेशी, मिरहट्टी, खेरैहिया और किसनपुर तक के ग्रामीण इलाकों में गंगा का पानी खेतों और घरों में घुस चुका है

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प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है. गनगनिया से महेशी, मिरहट्टी, खेरैहिया और किसनपुर तक के ग्रामीण इलाकों में गंगा का पानी खेतों और घरों में घुस चुका है, जिससे सैकड़ों परिवार पलायन को मजबूर हो गये हैं. महेशी पंचायत के कल्याणपुर मोतीचक गांव तो चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है. गांव में पांच से सात फीट पानी भरा हुआ है, जिससे अधिकतर घर जलमग्न हो चुके हैं. करीब 200 परिवार मिट्टी के टीले और बांधों पर शरण लिये हैं, जहां एक खटिया पर पूरा परिवार दिन-रात गुजारने को विवश है. भोजन का संकट विकराल हो चुका है. बच्चे भूख से बिलख रहे हैं और परिवार सूखा चूड़ा-मूढ़ी खाकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. गांव में बिजली आपूर्ति बंद है, और किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता नहीं पहुंच पायी है. लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं.

एनएच-80 पर भवनाथपुर गांव के पास बाढ़ का पानी सड़क पर बहने लगा है, जिससे भागलपुर-सुलतानगंज मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है. अकबरनगर थाना क्षेत्र के गंगापुर, श्रीरामपुर, बसंतपुर, खेरैहिया, हरिनगर, भवनाथपुर और किसनपुर गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं. श्रीरामपुर के वार्ड आठ और 10 पूरी तरह जलमग्न हैं, और उत्क्रमित कन्या मवि श्रीरामपुर में पानी घुसने से पठन-पाठन बंद कर दिया गया है. दियारा क्षेत्र पहले ही जलमग्न हो चुका है. लोग अब घरों की छतों, स्कूलों और ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं, लेकिन संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक न तो कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा है और न ही प्रशासन की ओर से ठोस राहत व्यवस्था की गयी है.

सड़क किनारे व खुले आसमान के नीचे कट रही बाढ़ पीडितों की जिंदगी

बाढ़ का पानी लगातार नये-नये इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है. शुक्रवार को पन्नूचक पूर्वी व फुलकिया गांव में बाढ़ का पानी फैल गया. 50 से ज्यादा परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए. कई परिवार एनएच 80 के किनारे खुले आसमान के रहने पर विवश हैं.

बाढ़ पीड़ित रामलाल मंडल, चकतलाल मंडल, सूरज मंडल ने बताया की रात में अचानक पानी प्रवेश कर गया. राशन का समान सहित कागज के कई आवश्यक दस्तावेज पानी में भींग गया. दूसरी ओर राशन का सामान नष्ट होने के कारण दिन व रात दोनों समय चूड़ा-चीनी खाकर अपना समय व्यतीत कर रहे हैं. भोजन पकाने की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JITENDRA TOMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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