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बिहार में सख्त हुआ ड्राइविंग लाइसेंस का नियम, अब इस टेस्टिंग ट्रैक से गुजरना होगा जरूरी

Updated at : 23 Aug 2025 12:16 PM (IST)
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Testing Track for DL

बिहार में सख्त हुआ ड्राइविंग लाइसेंस का नियम

Driving License: बिहार के भागलपुर जिले में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के नियम सख्त हो गए हैं. जी हां, डीएल बनाने के लिए अब आपको यह साबित करना होगा कि आप बाइक व कार अच्छी तरीके से चला लेते हैं. इसकी वजह है कि अक्टूबर से आपको ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट देना होगा.

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Driving License: बिहार के भागलपुर जिले में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के नियम सख्त हो गए हैं. जी हां, डीएल बनाने के लिए अब आपको यह साबित करना होगा कि आप बाइक व कार अच्छी तरीके से चला लेते हैं. इसकी वजह है कि अक्टूबर से आपको ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट देना होगा. यह टेस्ट आपको ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक पर बाइक के लिए 69 सेंकेंड और कार के लिए 4 मिनट में पास करना जरूरी होगा.

बनकर तैयार ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक

जिले के तिलकामांझी सरकारी बस डिपो में ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक बनाकर उसका ट्रायल भी कर लिया गया है. जिला परिवहन विभाग की तरफ से यहां सुरक्षा से जुड़ें कार्यो को पूरा करने के बाद इसे शुरू किया जाएगा. बता दें कि इस ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक की सेंट्रलाइज सिस्टम निगरानी की जाएगी. इस तरह के टेस्ट ट्रैक सात जिलों में बनकर तैयार हैं.

18 कैमरे व सेंसर से टेस्ट की होगी निगरानी

भागलपुर में बने ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक पर 16 टावर और पोल लगाए गए हैं. यहां 15 और 12 मीटर के दो-दो और 9 मीटर के 12 टावर लगाए गए हैं. इसकी मॉनिटरिंग के लिए 18 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही ट्रैक पर तार के माध्यम से सेंसर भी लगाए जाएंगे. इसके लिए साफ्ट ट्रैक साफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसे एक सरवर से जोड़ा जाएगा. यह बड़ी स्क्रीन के साथ सात कंप्यूटर से जुड़े रहेंगे. इसके माध्यम से टेस्ट देने वाले चालकों की हर गतिविधि पर नजर रखना आसान होगा.  

फेल होने पर फिर मौका

मिली जानकारी के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी टू-व्हीलर व फोर-व्हीलर के टेस्ट में फेल हो जाता है, तो उसे एक सप्ताह बाद दोबारा टेस्ट देने का मौका दिया जएगा. हालांकि इसक लिए अभ्यर्थी को फिर से स्लॉट बुक करना होगा और इसके लिए शुल्क भी देना होगा. बता दें कि एक वाहन में फेल होने पर 800 रुपये और दोनों में फेल होने पर कुल 1150 रुपये शुल्क देना होगा.

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इतना देना होगा शुल्क

जानकारी के अनुसार लर्निंग लाइसेंस बनवाने के 6 महीने के अंदर अगर स्थाई डीएल के लिए आवेदन नहीं किया गया तो लाइसेंस अवधि खत्म हो जाएगी. टू व्हीलर और फोर व्हीलर लर्निंग लाइसेंस के लिए 740 रु. शुल्क और स्थाई डीएल के लिए 2300 रु. शुल्क देने होंगे. वहीं, लर्निंग को रिन्यू करवाने के लिए 690 रुपये शुल्क देना होगा.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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