क्लीवलैंड स्मारक को 10 दिनों में हटाया जाये, नहीं तो होगा आंदोलन: अश्विनी चौबे

Published by :KALI KINKER MISHRA
Published at :17 Jul 2025 10:40 PM (IST)
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क्लीवलैंड स्मारक को 10 दिनों में हटाया जाये, नहीं तो होगा आंदोलन: अश्विनी चौबे

अश्विनी चौबे ने की प्रेस कांफ्रेंस.

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पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि पार्टी मेरी मां है और पार्टी के हर निर्देश का पालन करेंगे. केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी व बिहार में नीतीश कुमार हैं. बिहार में एनडीए का चेहरा नीतीश कुमार हैं. बिहार में एनडीए की सरकार बनायेंगे. भागलपुर विधानसभा में सनातन का झंडा लहरायेगा. भागलपुर में भाजपा प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतेगी. सनातन का विरोध करने वालों का बिहार में सफाया होगा. उन्होंने कहा कि मैं चुनाव की राजनीति में आने वाला ही नहीं हूं, कूलदेवी भी चुनाव लड़ने का आदेश नहीं देगी. आप चुनाव नहीं लड़ेंगे तो इस परंपरा को आप के परिवार में कौन निभायेगा के प्रश्व का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा में खासकर भागलपुर में हमारे बहुत सारे कार्यकर्ता हैं जो उम्मीदवार बन सकते हैं.

-पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे तिलकामांझी चौक के बगल स्थित क्लीवलैंड स्मारक को 10 दिनों में हटाया जाये, नहीं तो होगा आंदोलन

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड के अंदर जहां स्वामी विवेकानंद की मूर्ति लगी हुई है. उसके बगल में क्लीवलैंड का स्मारक है. जिला प्रशासन व नगर निगम की ओर से इसे दस दिनों में नहीं हटाया तो जनआंदोलन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी तिलका मांझी कमतर आंकने के लिए क्लीवलैंड के स्मारक का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. क्लीवलैंड तिलकामांझी विश्वविद्यालय स्थित टिल्हा कोठी से भले ही जुड़े हैं. यह अंग्रेजी दासता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि “सनातन संग भारत जन चेतना अभियान को अब पूरे देशभर में चलाया जायेगा. यह अभियान सनातन संस्कृति, वेद, धर्म और राष्ट्रधर्म के जागरण के लिए प्रारंभ हुआ है, जिसे जन-जन तक पहुंचाया जायेगा. 2025 से 2029 तक पांच राज्यों में भव्य महाकुंभ, 2030 में बिहार के मंदार बांका में समापन होगा. सनातन महाकुंभ का आयोजन 2026 में उत्तरप्रदेश, 2027 में मध्यप्रदेश, 2028 में छत्तीसगढ़, 2019 में महाराष्ट्र व 2030 में मंदार बिहार (बांका) में महाकुंभ के साथ अभियान का समापन किया जायेगा.

गांधी मैदान में महाकुंभ कर शुद्धिकरण किया गया

चौबे ने बताया कि छह जुलाई को पटना के गांधी मैदान में आयोजित सनातन महाकुंभ ऐतिहासिक रहा, सनातन महाकुंभ के लिए विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को तीन-तीन बार निमंत्रण भेजा गया, फिर भी वे कार्यक्रम में नहीं आये. लालू प्रसाद यादव ताजिया में रुचि रखते हैं, लेकिन सनातन परंपराओं से दूरी बनाते हैं, यह तुष्टिकरण की राजनीति का स्पष्ट संकेत है, जिसे अब बिहार की जनता स्वीकार नहीं करेगी.

पुस्तक विमोचन व चार प्रमुख संकल्प प्रस्ताव

उन्होंने कहा कि वे और कुमार सुशांत द्वारा लिखित दो पुस्तकों सनातन संग भारत व सनातन संवाद स्मारिका का विमोचन हुआ है.साथ ही मठ-मंदिर व गुरुकुलों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाने, सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में भव्य माता सीता मंदिर का निर्माण, बांका स्थित मंदार पर्वत पर मंदिर व सांस्कृतिक धरोहर का पुनरुद्धार व बक्सर के सिद्धाश्रम में श्रीराम की विशाल प्रतिमा व वैदिक विश्वविद्यालय की स्थापना संबंधित प्रस्ताव पारित किये गये.

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