हंटरगंज में बैसाखी और खालसा पंथ का भव्य आयोजन, निकाली गई प्रभात फेरी

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हंटरगंज के डुमरी में निकाली गई प्रभात फेरी में शामिल सिख समुदाय के लोग. फोटो: प्रभात खबर

Chatra News: हंटरगंज के गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा डूमरी में बैसाखी और खालसा पंथ पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. प्रभात फेरी, नगर कीर्तन, विशेष दीवान और अटूट लंगर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर सिख धर्म की परंपराओं और खालसा पंथ की महत्ता पर प्रकाश डाला गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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चतरा से दीनबंधू और मो कासिफ की रिपोर्ट

Chatra News: चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा डूमरी में सोमवार को बैसाखी और खालसा पंथ का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. यह आयोजन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज द्वारा 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की स्मृति में हर वर्ष किया जाता है.

प्रभात फेरी और नगर कीर्तन से गूंजा माहौल

पर्व को लेकर 12 तारीख से ही प्रभात फेरी निकाली जा रही है. इस दौरान बच्चों और श्रद्धालुओं ने नगर कीर्तन का गायन किया. पूरे क्षेत्र में “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” और “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” जैसे जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया.

निशान साहिब का चोला बदला गया

इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में निशान साहिब का बड़ा और छोटा चोला विधिवत बदला गया. यह परंपरा सिख धर्म में विशेष महत्व रखती है, जो श्रद्धा और सेवा भाव का प्रतीक मानी जाती है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया.

विशेष दीवान और कीर्तन दरबार का आयोजन

मंगलवार को गुरुद्वारा में विशेष दीवान सजाया जाएगा. स्थानीय रागी जत्था द्वारा कीर्तन दरबार का आयोजन होगा, जिसमें बच्चे भी भक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे. इसके साथ ही गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ, सुखमणि साहेब, रहरास साहेब और आरती साहेब का पाठ किया जाएगा.

खालसा पंथ की महत्ता पर प्रकाश

कार्यक्रम के दौरान पंच प्यारे की अगुवाई में खालसा पंथ की स्थापना और उसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाएगा. श्रद्धालुओं को सिख धर्म के मूल सिद्धांतों और गुरु परंपरा से अवगत कराया जाएगा.

अटूट लंगर की व्यवस्था

कार्यक्रम की समाप्ति के बाद गुरुद्वारा में अटूट लंगर की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के प्रसाद ग्रहण करेंगे. यह सिख धर्म की सेवा और समानता की परंपरा को दर्शाता है.

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आयोजन में सभी का सहयोग

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा समिति और स्थानीय संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है. प्रधान सरदार कुंदन सिंह, सचिव जसविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष गौतम सिंह सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. इसके अलावा खालसा युवा क्लब, माता साहिबा सोसाइटी और खालसा मेमोरियल क्लब भी आयोजन में अहम योगदान दे रहे हैं.

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कुमार विश्वत सेन

लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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