वन विभाग ने सड़क में कटा ट्रेंच, चतरा के कुंदा में आवागमन बाधित

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वन विभाग में सड़क में कटा ट्रेंच, आवागमन बाधित

ट्रेंच के बीच लकड़ी रखकर विद्यालय जाते बच्चे | Prabhat Khabar Network

चतरा के कुंदा में वन विभाग द्वारा सड़क पर ट्रेंच काटे जाने से एक दर्जन गांवों का आवागमन ठप हो गया है। स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।

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धर्मेन्द्र गुप्ता

कुंदा (चतरा) : एक तरफ राज्य सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़कों का जाल बिछा रही है, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के इस कदम से सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है.वन विभाग द्वारा अखरा-जगरनाथपुर व टिकैतबांध के मुख्य सड़क पर ट्रेंच काटे जाने का ग्रामीणों ने रविवार को विरोध किया है.उक्त सड़क कुंदा के बाईपास सड़क के नाम से जाना जाता है.ट्रेंच काटे जाने से एक दर्जन से अधिक गांव का आवागमन ठप हो गया है.लंबी दूरी तय कर लोगों को प्रतापपुर,चतरा समेत बिहार जाना पड़ रहा है.10 किमी अतिरिक्त दूरी तय कर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं.

स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में दिक्कत हो रही है.जान जोखी में डालकर स्कूली बच्चे ट्रेंच पर लकड़ी रखकर पार कर विद्यालय पहुंच रहे हैं.ट्रेंच काटे जाने से अखरा, टिकैतबांध, टिकुलिया, पचरुखिया, नावाडीह, जगरनाथपुर, मोहनपुर, कुंदा, कुशुमभा, चुटिघाट, ककहिया समेत कई गांव के करीब पांच हजार से अधिक लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. यहां तक कि जब कुंदा से प्रतापपुर मुख्य सड़क किसी कारण वश सड़क जाम हो जाती है, तब कुंदा से अखरा भाया जगरनाथपुर सड़क से ग्रामीण समेत वाहनो का आवागमन करते है.

एक तरह से यह बाईपास सड़क के रूप में प्रसिद्ध है. कई लोग ट्रेंच के काटे जाने के बाद भी ट्रेंच के बीच में लकड़ी रखकर जान जोखी में डालकर लोग अपना आवश्यक कार्य कर रहे है. ग्रामीणों ने बताया कि उक्त सड़क से कई पीढ़ी से गांव के लोग आवागमन करते आ रहे हैं. मनरेगा योजना के तहत मिट्टी मोरम व हार्ड सर्फेस के सड़क बनाया गया हैं, लेकिन वन विभाग द्वारा चार दिन पूर्व ट्रेंच काट कर सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है. आने-जाने के लिए किसी भी तरह के कोई सुविध नहीं छोड़ा है. जिससे वाहनों को आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है.

वन विभाग ने पौधारोपण करने को लेकर ट्रेंच काटा है.ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व राज्य सरकार से अविलंब सड़क को वन विभाग से मुक्त कराने की मांग की है. अन्यथा जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे. स्कूली बच्चों ने कहा यूपीएस अखरा गांव में पढ़ने वाले छात्र संदीप कुमार ने बताया कि सड़क पर ट्रेंच खोदे जाने से दो दिनों तक स्कूल नहीं गए. इसके बाद पिता जी ने ट्रेंच पर लकड़ी रखकर आने जाने लायक बनाया तब नियमित स्कूल जाते हैं. छात्र चंदन कुमार ने कहा कि ट्रेंच में लकड़ी रखकर आने जाने की सुविधा मिली है, लेकिन लकड़ी पर ट्रेंच पार करने में डर लगता है. एक दूसरे के हाथ पकड़कर पार करते हैं.

बच्चों ने उपायुक्त महोदय से अवरुद्ध सड़क को वन विभाग से मुक्त कराने की मांग किया है. ग्रामीणों मुखिया से मिले उक्त सभी गांव के ग्रामीणों ने सड़क पर ट्रेंच काटे जाने की सूचना पंचायत के मुखिया मनोज कुमार साहु को दिया. मुखिया व पूर्व उपमुखिया सतेंद्र कुमार सिंह ने उक्त स्थल पर पहुँच कर देखा साथ ही समस्य को लेकर उपायुक्त, सांसद, विधायक व वन विभाग के पदाधिकारियों से मिलकर गांव में मुख्य समस्या से अवगत कराते हुए अवरुद्ध सड़क को आवागमन शुरू कराने की मांग रखेंगे.


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