bhagalpur news. समाजशास्त्र विषय में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में धांधली

Updated at : 26 May 2025 12:45 AM (IST)
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bhagalpur news. समाजशास्त्र विषय में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में धांधली

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्त में धांधली का आरोप लगा रहा है.

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भागलपुर बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्त में धांधली का आरोप लगा रहा है. इसका खुलासा आरटीआइ से प्राप्त दस्तावेजों से किया जा रहा है. अभ्यर्थी सह अतिथि व्याख्याता संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार सोनू ने दावा किया है कि आयोग से समाजशास्त्र विषय के लिए चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्त में धांधली की गयी है. कहा कि समाजशास्त्र विषय में चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर के आरटीआइ के माध्यम से संबंधित विवि, कॉलेजों व पीजी विभागों से दस्तावेज उपलब्ध कराया गया है. उन दस्तावेजों को गलत ढंग से तैयार किया गया है.

स्नातक व पीजी में फेल, दस्तावेज में पास

आरटीआइ से मिले दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि उक्त विषय में कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी हैं, जो स्नातक व पीजी में पास बता रहे हैं. लेकिन आरटीआइ से मिले दस्तावेज में ऐसे अभ्यर्थी स्नातक व पीजी में फेल हैं. इसके बाद भी उन्हें पीएचडी की उपाधि टीएमबीयू से दी गयी है. दावा किया है कि टीएमबीयू से मान्यता प्राप्त एक कॉलेज से उस शिक्षक अभ्यर्थी का इसी आधार पर सेवा निरस्त हुआ था. कहा कि इसके बाद भी विवि में गेस्ट शिक्षक बने हैं. आयोग से असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए समाजशास्त्र विषय में चयनित हुए है. कहा कि मामले में टीएमबीयू के कुलपति व राजभवन से लिखित शिकायत की गयी है.

समाजशास्त्र के चयन सूची पर उठाया सवाल

अभ्यर्थी सह अतिथि व्याख्याता संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ अजीत कुमार सोनू ने आयोग से समाजशास्त्र विषय के लिए चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर की सूची पर सवाल उठाया है. कहा कि चयनित सूची में कुछ अभ्यर्थी का अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर पटना विवि के एक पीजी विभाग से आरटीआइ के माध्यम से अनुभव प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी मांगी गयी थी. आरटीआइ के माध्यम से बताया गया कि विभाग के कार्यालय में कागजात उपलब्ध नहीं है. पटना विवि से भी यही कहा गया है. दावा किया है कि अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर भी फर्जीवाड़ा किया गया है. अभ्यर्थी द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र के बदले बीएड कॉलेज का लगाया गयी है. कहा कि गेस्ट शिक्षक के नाम पर भी फर्जीवाड़ा तरीके से अनुभव प्रमाण पत्र बनाकर दस्तावेज में शामिल किया है. बिना रजिस्ट्रार साइन के आयोग ने अनुभव प्रमाण पत्र का लाभ दिया है. कहा कि सरकार पूरे मामले में सीबीआइ से आयोग द्वारा किये जा रहे असिस्टेंट प्रोफेसर चयन प्रक्रिया की जांच कराये.

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