भनक मिलते ही गांव-गांव पहुंच रहेजेवरात ढूंढने पीड़ित व्यवसायी

सचिन ज्वेलर्स एंड संस दुकान में करोड़ों के आभूषण चोरी की घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस किसी सामान की बरामदगी नहीं कर पायी है
सचिन ज्वेलर्स एंड संस दुकान में करोड़ों के आभूषण चोरी की घटना के 48 घंटे बाद भी पुलिस किसी सामान की बरामदगी नहीं कर पायी है. न ही अब तक कोई चोर ही पकड़ में आया है. जिससे पीड़ित व्यवसायी और उसका परिवार काफी मायूस और सहमा हुआ है. इधर, जैसे ही किसी तरह की उन्हें आभूषण की भनक मिलती है परेशान पीड़ित स्वर्ण व्यवसायी खुद उस गली-मोहल्ले में चोरी गये जेवरात की तलाश में पहुंच जाते हैं. लोगों से रात को किसी कार के जाने के बारे में पूछने लगते हैं. नहीं पता चलने पर फिर निराश होकर वापस लौट जाते हैं.
सीसी टीवी फुटेज में आधी रात को लत्तीपुर की ओर जाती दिख रही कार संदेह के घेरे में
पुलिस ने लत्तीपुर समेत विभिन्न जगहों पर लगे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज खंगाला. घटना की रात करीब पौने एक बजे सीसी टीवी कैमरे की फुटेज में एक कार लत्तीपुर की ओर से गुजरी है, जिस पर कई लोग सवार हैं और वह कार खरीक गोल चौक होते हुए डोमासी की ओर से एनएच 31 की ओर जाते दिखी है. स्वान दस्ता की टीम से पुलिस ने जांच करायी. स्वान दस्ता का अंतिम पड़ाव स्थल से रात्रि पौने एक बजे कार का गुजरना पुलिस को संदेह में डाल रहा है. सीसी फुटेज में कार पर कई लोगों के सवार होने का चेहरा दिख रहा है. जिससे कयास लगाये जा रहे हैं कि हो सकता है उसी कार पर अपराधी सवार होकर खरीक के ज्वेलरी दुकान में घटना को अंजाम दिया हो. पुलिस उस लाइनर की खोज कर रही है जो सचिन ज्वेलर्स की दुकान पर अक्सर आया करता था.
आभूषणाें की बरामदगी नहीं होने पर व्यवयायी करेंगे चरणबद्ध आंदोलनपुलिस एक सप्ताह पूर्व ज्वेलर्स के सीसी टीवी कैमरे की फुटेज को खंगाल रही है. पुलिस घटना के विविध पहलुओं की जांच कर रही है लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल रही है. इधर, आभूषणों बरामद नहीं होने और अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परेशान व्यवसायी ने कहा कि हमलोग वरीय पदाधिकारी के मुकम्मल आश्वासन पर फिलहाल बाजार बंद नहीं कर रहे हैं. पुलिस को काम करने का मौका दिया है. आभूषणों की बरामदगी नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन करने को हम बाध्य होंगे.
पीड़ित व्यवसायी पीयूष कुमार ने कहा कि पुलिस द्वारा अब तक आभूषणों को बरामद नहीं किया जाना चिंताजनक है. मैं खुद जगह-जगह जाकर सीसी फुटेज देखने का प्रयास कर रहा हूं कहीं से कुछ पता लग जाय ताकि आभूषणों की बरामदगी हो सके लेकिन लोग भी कुछ नहीं बोल पा रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




