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भागलपुर नगर निगम में नगर आयुक्त और मेयर में विवाद, स्थायी समिति की बैठक हुई रद्द

Updated at : 21 Aug 2024 10:17 PM (IST)
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भागलपुर नगर निगम में नगर आयुक्त और मेयर में विवाद,  स्थायी समिति की बैठक हुई रद्द

Bihar News: भागलपुर में नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक बुधवार को दोपहर दो बजे निर्धारित थी. स्थायी समिति सदस्यों का कोरम भी पूरा हो गया, लेकिन बैठक नहीं हो सकी.

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Bihar News: भागलपुर में नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक बुधवार को दोपहर दो बजे निर्धारित थी. स्थायी समिति सदस्यों का कोरम भी पूरा हो गया, लेकिन बैठक नहीं हो सकी. मेयर डॉ बसुंधरालाल व नगर आयुक्त नितिन कुमार अपनी बातों पर अड़े रहे. मेयर डॉ बसुंधरालाल पत्र का हवाला देकर अपने चेंबर में बैठक करने के लिए तैयार थीं, तो नगर आयुक्त नितिन कुमार मेयर चेंबर में संकीर्णता का हवाला देकर सभागार में बैठक को लेकर तैयार दिखे. संवादहीनता कहें या इगो. इस तरह स्थायी समिति की बैठक कमरों की लड़ाई की भेंट चढ़ गयी.

स्थायी समिति की बैठक मे आमलोगों की बैठने की नहीं थी सुविधा


नगर आयुक्त नितिन कुमार ने जहां विकास का हवाला दिया, तो मेयर डॉ बसुंधरालाल ने विकास के साथ जनप्रतिनिधि के सम्मान की बात कही. बैठक के लिए स्थायी समिति सदस्य संजय सिन्हा, निकेश कुमार, अरशदी बेगम, दीपिका कुमारी व संध्या गुप्ता मेयर वेश्म में तैयार दिखी, तो दूसरी ओर सभागार में नगर आयुक्त के साथ उप नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर समेत अलग-अलग शाखा के प्रभारी बैठक के लिए तैयार थे.नगर विकास विकास विभाग की ओर से पत्र भेजकर नगर निगम के स्थायी व सामान्य बोर्ड की बैठक की कार्रवाई देखने के लिए आम लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया गया था. पहले ही बैठक में कोई व्यवस्था नहीं दिखी और उल्टे कमरों को लेकर एक जनप्रतिनिधि, तो दूसरे प्रशासक लड़ गये.

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पहले भी बिना कारण मेयर व नगर आयुक्त का होता रहा है विवाद

सामान्य बोर्ड की बैठक में पहले भी मेयर व नगर आयुक्त के बीच तल्खी दिखी है. इस कारण सामान्य बोर्ड की बैठक टलती रही है. दो बार बैठक टल गयी. नगर विकास मंत्री नितिन नवीन के पास भी दोनों के विवाद का मामला पहुंचा था. मंत्री श्री नवीन ने कहा था कि इस मामले को लेकर गंभीरता से चर्चा की गयी जायेगी. हालांकि अब तक कोई मुकाम नहीं मिल सका.

नगर आयुक्त ने कहा

बैठक का पत्र जारी हुआ. लेकिन सभागार में सभी में बैठने की व्यवस्था है. मेयर का चेंबर छोटा है, वहां माइक भी नहीं है. कर्मियों व अधिकारियों के लिए जगह कम पड़ जाता. इसके लिए उप नगर आयुक्त व कार्यालय प्रधान को मेयर के पास भेजा गया. समन्वय में किसी तरह की दिक्कत नहीं है, कोई विवाद नहीं है. मैडम को रिक्वेस्ट किया गया सभागार में ही बैठक करें. विकास को बाधित नहीं होने दिया जायेगा. कोई गलत मैसेज बाहर नहीं जायेगा. सबकुछ ठीक है.

कहती हैं मेयर

पहले ही दो बार पत्र भेजकर बैठक का समय व जगह निर्धारित किया. मेयर के अधिकार क्षेत्र में है कि बैठक कहां होगी और नहीं होगी. वो कौन होते हैं तय करने वाले. पहले भी स्थायी समिति की बैठक मेयर वेश्म में होती रही है. उनके समय में कुछ बैठक जरूर सभागार में हुई. नगर आयुक्त ने अवहेलना की. एक घंटे तक लगातार इंतजार किया. विकास कार्य बाधित कर रहे हैं. विकास कार्य के लिए जो जरूरी होगी, जनता ने चुनकर यहां भेजा है. नगर आयुक्त मनमाने ढंग से कार्य करते हैं. 15 अगस्त को भी स्थायी समिति सदस्यों से ध्वजारोहण कराने का निर्देश दिये, अपनी मर्जी से आदेश बदल दिया. अगली बैठक भी उनके वेश्म में होगी. उनकी शिकायत ऊपर तक करुंगी.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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