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बिहार के भागलपुर में 2 डीएसपी, 1 इंस्पेक्टर और 6 दारोगा पर एक्शन, 7 साल बाद तेजाब कांड में हुई कार्रवाई

Updated at : 01 Aug 2025 11:58 AM (IST)
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bhagalpur crime news| After 7 years, action taken against 9 police officers including 2 DSPs of Bhagalpur in acid attack case

प्रतीकात्मक तस्वीर

Bihar News: भागलपुर के चर्चित तेजाब हत्याकांड में सात साल की लापरवाही के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है. आईजी विवेक कुमार के निर्देश पर 9 पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई और दो डीएसपी पर अनुशासनिक जांच की अनुशंसा की गई है. मामला 2018 में विवाहिता को तेजाब पिलाकर मारने से जुड़ा है, जिसकी जांच में गंभीर चूक पाई गई.

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Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले के बहुचर्चित तेजाब कांड में सात साल तक जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर आखिरकार कार्रवाई की गाज गिरी है. 2018 में अकबरनगर थाना क्षेत्र में विवाहिता रजनी कुमारी की तेजाब पिलाकर हत्या के मामले में लंबे समय तक अनुसंधान में कोई ठोस प्रगति नहीं होने पर आईजी विवेक कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है.

आईजी के आदेश पर हुई कार्रवाई

आईजी के आदेश पर कांड के नौ अनुसंधानकर्ताओं पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं. इनमें तत्कालीन आइओ इंस्पेक्टर विकास कुमार के अलावा आठ अन्य एसआई और एएसआई स्तर के पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं. वहीं, इस लापरवाही की गंभीरता को देखते हुए दो पूर्व डीएसपी- नेसार अहमद शाह और डॉ. गौरव कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा भी पुलिस मुख्यालय से की गई है.

सात साल की चुप्पी और सड़ गया विसरा

कांड की समीक्षा में यह सामने आया कि सात वर्षों तक न तो अनुसंधानकर्ताओं ने जांच में कोई ठोस कदम उठाया और न ही लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी की ओर से किसी तरह की प्रगति रिपोर्ट दी गई. लापरवाही का आलम यह रहा कि पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया विसरा भी सड़ गया, जिससे मामले की वैज्ञानिक जांच संभव नहीं हो पाई. इससे अभियोजन पक्ष की स्थिति भी कमजोर पड़ने की आशंका जताई गई है.

किस पर हुई कार्रवाई?

जिन पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी हुए हैं, वे हैं: इंस्पेक्टर विकास कुमार, एसआई नसीम खां, मो. वारिस खान, मो. दिलशाद, संतोष कुमार शर्मा, पुष्पलता कुमारी, संतोष कुमार वर्मा, राकेश कुमार, एएसआई जितेंद्र कुमार. जिन दो डीएसपी के विरुद्ध अनुशासनिक जांच की अनुशंसा की गई है, वे हैं- नेसार अहमद शाह (पूर्व डीएसपी) डॉ. गौरव कुमार (पूर्व डीएसपी).

पीड़िता की आखिरी गवाही भी रही अनसुनी

घटना की शिकार रजनी कुमारी ने 31 मार्च 2018 को अस्पताल में दिए बयान में बताया था कि उसकी शादी अकबरनगर के धर्मवीर रजक से हुई थी और ससुराल में उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था. घटना वाले दिन उसकी सास और गोतनी ने टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब जबरन पिला दिया था, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, लेकिन केस दर्ज होने के बावजूद सात साल तक जांच अधूरी पड़ी रही.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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