सांप काटने से बिहार में हर साल चार हजार से अधिक की मौत

Updated at : 19 Sep 2024 9:53 PM (IST)
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सांप काटने से बिहार में हर साल चार हजार से अधिक की मौत

सांप काटने से बिहार में हर साल चार हजार से अधिक की मौत

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शहर के जयप्रकाश उद्यान में गुरुवार को आम नागरिकों के बीच अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर जागरूकता अभियान चलाया गया. यह अभियान सृष्टि गंगा प्रहरी पर्यावरण एवं जनकल्याण सोसायटी व भारतीय वन्यजीव संस्थान के जलज परियोजना अंतर्गत चलाया गया. लोगों को कहा गया कि हम सब नागों की पूजा सदियों से करते आ रहे हैं, परंतु सांपों को लेकर समाज में कई प्रकार भी भ्रांतियां है. जैसे सांप को दूध पिलाना, सोमवार को नाग दर्शन इत्यादि. इसका लाभ सपेरे उठाते हैं और चंद रुपयों के लिए सांपों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं. जिससे सांपों की जान चली जाती है. अगर सांप काट ले तो सीधे अस्पताल जायें. झाड़फूंक व तंत्र मंत्र के चक्कर में न पड़ें, वरना आपकी जान भी जा सकती है. इस प्रकार के जागरूकता अभियानों की जरूरत हर गांव, हर शहर में है. भारतवर्ष में सर्पदंश से हर साल 64 हजार से ज्यादा और बिहार में चार हजार से अधिक मौत होती है. इससे बचने के लिए आस पास जागरूकता फैलाएं. लोगों को बताया गया कि प्रोजेक्ट जलज की थीम गंगा को साकार करने के लिए नदी और लोगों को जोड़ना है. मौके पर जलज परियोजना के गौरव सिन्हा, लॉ कॉलेज के गौतम कुमार समेत कई लोग थे.

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