Cyber Crime: बिहार में साइबर क्राइम में बंगाल का सिम हो रहा यूज, प्रभात खबर के कार्यक्रम में बोले इंस्पेक्टर

Edited by Paritosh Shahi
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प्रभात खबर द्वारा आयोजित सेमिनार का दीप जलाकर उद्घाटन करते पदाधिकारीगण

Cyber Crime: प्रभात खबर के जन आंदोलन कार्यक्रम इंस्पेक्टर अकील अहमद ने कहा कि साइबर क्राइम में उपयोग में किये जा रहे ज्यादातर सिम बंगाल के हैं. इंस्पेक्टर अकील अहमद ने इससे बचने के कई उपाय बताए.

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Cyber Crime: साइबर अपराध दिन ब दिन लोग फंस रहे हैं. दिसंबर 2024 में साइबर अपराध की घटना के रिकॉर्ड ने झकझोर रख दिया. साइबर अपराध से जुड़े 316 मामले में साइबर थाना भागलपुर में दर्ज कराये गये हैं. ज्यादातर मामले लाखों रुपये ठगी से जुड़े हैं. उक्त बातें भागलपुर के साइबर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर अकील अहमद ने कही. वे बुधवार को एसएम कॉलेज में आयोजित साइबर अपराध के खिलाफ प्रभात खबर के जन आंदोलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में पढ़े-लिखे लोग ज्यादा टारगेट किये जा रहे हैं. इसमें प्रोफेसर, इंजीनियर, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं आदि शामिल हैं. उन्होंने छात्राओं सहित लोगों से अपील करते हुए कहा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप जैसे सोशल साइट पर आने वाले अज्ञात साइट से बचें. इंस्पेक्टर अकील अहमद ने कहा कि ठगी मामले को लेकर जांच की जा रही है. इसमें ज्यादातर सिम बंगाल के सामने आ रहे हैं. इसी सिम से साइबर अपराध किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मामले को लेकर शहर में सिम बेचने वाले दुकानदारों को भी दिशा-निर्देश दिये गये हैं. अगर साइबर फ्रॉड की घटना किसी के साथ होती है, तो इसकी जानकारी अविलंब डायल 1930 पर दें. ताकि फ्रॉड की गयी राशि को वापस लाने का प्रयास किया जा सके. उन्होंने साइबर ठगी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारी भी दी.

प्रो0 ओम प्रकाश सिंह

सोशल साइट पर कोई काम समझ-बूझ कर करें

बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक होने की जरूरत है. सोशल मीडिया पर अपनी महत्वपूर्ण डाटा की जानकारी नहीं दें. ऐसे में साइबर फ्रॉड होने की संभावना बढ़ जाती है. गूगल, फेसबुक पर कोई काम भी करें, तो समझ-बूझ कर करे. साइबर अपराध के शिकार हो जाते हैं, तो तुंरत थाना को सूचना दें.

पब्लिक वाईफाई का उपयोग करने से बचें

ट्रिपल आइटी कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि पब्लिक वाईफाई का उपयोग करने से बचें. अक्सर देखा जाता है कि फ्री में पब्लिक वाईफाई का उपयोग करने के दौरान तेजी से सोशल मीडिया का उपयोग किया जाता है. कुछ लोग नये-नये एप डाउनलोड करते हैं. उसी वाईफाई से कुछ जल्दबाजी में पैसे भेजते हैं. जबकि पब्लिक वाईफाई पर साइबर अपराधियों की कड़ी नजर रहती है. इस दौरान उस समय पैसे का लेन-देन होता है. हाईकर्स तुंरत डमी एप बनाकर सूचना संबंधित एप काे भेजते हैं. अगर आप उस एप को खोलते हैं, तो साइबर ठगी के शिकार हो सकते हैं.

खुद जागरूक होने के साथ-साथ दूसरों को भी करें सचेत

एसएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल का दौर है. हर कोई अपने को अपडेट करने में लगा है. लेकिन दूसरी तरफ इसका कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं. इस कारण से साइबर अपराध की घटना में फंस जा रहे हैं. वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ने लगा है. इससे बचने के लिए लोगों को खुद जागरूक होने की जरूरत है. साथ ही दूसरों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है. किसी भी अज्ञात नंबर या वाट्सएप पर भेजे गये चीजों को नहीं खोलें. ऐसा करने पर साइबर अपराधी के टारगेट पर आप आ सकते हैं.

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कोरोना की तरह साइबर अपराधी लोगों की पीछे दौड़ रहा

साइबर थाना के सब इंस्पेक्टर राम कृष्ण कुमार ने कहा कि कोरोना की तरह साइबर अपराध है. लोगों के पीछे साइबर अपराधी कोरोना की तरह दौड़ रहा है. साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नये-नये तरह से टारगेट कर रहे हैं. इसके लिए जितना जरूरत है, उतना ही फेसबुक व इंस्टाग्राम का उपयोग करें. दोस्तों द्वारा भेजे गये एप व साइट आदि का उपयोग करने से बचें. उन्होंने कॉलेज प्रशासन से कहा कि रोजाना कम से कम 10 मिनट तक साइबर अपराध से बचने के लिए चर्चा की जाये. इसमें छात्राओं को भी शामिल किया जाये. ताकि ये छात्राएं अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इससे बचने के लिए जागरूक कर सकें. हाइटेक होने के चक्कर में लोग साइबर अपराध के चंगुल में आ रहे हैं.

कार्यक्रम में शामिल लोग

मोबाइल गजट से साइबर अपराधी आप पर रख रहा नजर

साइबर थाना के सब इंस्पेक्टर रुपम कुमारी ने कहा कि मोबाइल गजट से साइबर अपराधी हम सभी पर नजर बनाये रखा है. गूगल पर आपकी बातों को सुन रहा है. उन्होंने छात्राओं से कहा कि अपने पासवर्ड को कॉमन नाम नहीं दें. अज्ञात वीडियो कॉल आता है, तो उसे रिसीव नहीं करें. क्योंकि साइबर अपराध के माध्यम से पैसा ठगी करना है. बिना जानकारी के सोशल मीडिया का उपयोग करने से बचें.

लोभ व भय छोड़ें, फ्रॉड से बचें

विवि एनएसएस के समन्वयक डॉ राहुल कुमार ने कहा कि साइबर अपराध बढ़ने का एक कारण है कि लोभ व भय से लोग इसमें फंसते जा रहे हैं. जानकारी से ही इससे बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि लोगों में लोभ व भय नहीं होगा, तो साइबर अपराध से बचा जा सकता है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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