भागलपुर-नवगछिया के बीच घोषित एनएच-131बी को फोरलेन बनाने की प्रक्रिया तेज हो गयी है. इसके फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा. जिच्छो बाइपास टोल प्लाजा को बंद कर दिया जायेगा. एनएच अधिकारियों के अनुसार डीपीआर और ड्रोन सर्वे के आधार पर नया टोल प्लाजा नवगछिया से लगभग 2.3 किलोमीटर की दूरी पर खगड़ा चौक के पास प्रस्तावित है. यहां आठ लेन का आधुनिक टोल प्लाजा बनाया जायेगा, जो नवगछिया से भागलपुर के चौधरीडीह तक बनने वाली फोरलेन सड़क पर स्थित होगा. टोल को लेकर स्थानीय लोगों की समस्या सोमवार काे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखी जा सकती है. वहीं, दूसरी ओर तेतरी से महादेवपुर तथा बिहपुर-गोपालपुर रोड का एक बार फिर सर्वे कराये जाने की संभावना है. सर्वे के बाद ही टोल प्लाजा की अंतिम जगह का चयन किया जायेगा. एनएच विभाग के अनुसार जिच्छो और लोदीपुर के बीच स्थित मौजूदा बाइपास टोल प्लाजा को पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा. डीपीआर में यह भी उल्लेख है कि एनएच-131बी के 14 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा प्रस्तावित हैं. इस बदलाव से यातायात व्यवस्था सुगम होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
14 किमी के दायरे में दो टोल प्लाजा होने की स्थिति को देखते हुए एक टोल को हटाने की तैयारी की जा रही है. खगड़ा चौक के पास नया टोल प्लाजा प्रस्तावित है, जबकि दूसरा टोल प्लाजा जिच्छो में पहले से संचालित है. यदि खगड़ा चौक पर टोल प्लाजा का निर्माण होता है तो इस मार्ग पर 14 किलोमीटर की दूरी में दो टोल प्लाजा हो जायेंगे. इसी वजह से जिच्छो स्थित टोल प्लाजा को बंद करने की योजना बनायी जा रही है, ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे.
नया बनाने पर करोड़ खर्च करने पर उठ रहे सवाल
टोल प्लाजा को लेकर अब अलग तरह के सवाल उठने लगे हैं. जिच्छो में जब पहले से टोल प्लाजा संचालित है, तो इस मार्ग पर इसको बंद कर खगड़ा में नया टोल प्लाजा के निर्माण पर करोड़ों खर्च करने कितना न्यायोचित है. टोल टैक्स आते-जाते किसी पर भी वाहनों को भरना है. चाहे वह खगड़ा हो या फिर जिच्छो.
बॉक्स मैटर
भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन पर भी बनेगा टोल प्लाजा
बांका जिले के बौंसी में भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन सड़क पर टोल प्लाजा बनेगा. केंद्र सरकार ने इसके लिए अधिसूचना पूर्व में ही जारी की है. टोल प्लाजा के निर्माण के लिए लगभग 1.18 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जायेगी. भूमि अधिग्रहण के दौरान सक्षम प्राधिकारी ने सार्वजनिक नोटिस जारी किया था. कुछ लोग इस पर आपत्तियां लेकर सामने आये थे, जिनका विधिवत तरीके से निपटारा कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गयी. इसके बाद सरकार ने अधिसूचना जारी कर भूमि का स्वामित्व अपने नाम कर लिया, जिससे टोल प्लाजा निर्माण के रास्ते में कोई कानूनी बाधा नहीं रही. टोल प्लाजा निर्माण इस फोरलेन परियोजना के तहत जरूरी माना गया है, ताकि सड़क के रखरखाव और संचालन की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.
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