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अस्पताल में कोरोना का खौफ, सामान्य रोगी के इलाज में भी हो रही है परेशानी

Updated at : 17 Feb 2020 9:07 AM (IST)
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अस्पताल में कोरोना का खौफ, सामान्य रोगी के इलाज में भी हो रही है परेशानी

भागलपुर : जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब कोरोना वायरस के खौफ साया है. मरीज सर्दी खांसी से पीड़ित होकर आते हैं, तो इनको जांच कराने में परेशानी हो रही है. आलम यह है कि वार्ड और ओपीडी की नर्स, कर्मी और डॉक्टर मास्क पहन कर बैठ रहे हैं. आइसाेलेशन वार्ड में मरीज […]

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भागलपुर : जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब कोरोना वायरस के खौफ साया है. मरीज सर्दी खांसी से पीड़ित होकर आते हैं, तो इनको जांच कराने में परेशानी हो रही है. आलम यह है कि वार्ड और ओपीडी की नर्स, कर्मी और डॉक्टर मास्क पहन कर बैठ रहे हैं. आइसाेलेशन वार्ड में मरीज नहीं हैं, लेकिन यहां आने से पहले कर्मी मास्क लगा कर आ रहे हैं.

सर्दी बुखार के मरीज हो रहे हैं परेशान : अस्पताल में सर्दी व बुखार के मरीजों को परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है. अस्पताल में ऐसे मरीज को देखते ही स्वास्थ्य कर्मी दूरी बनाने लगते हैं. इस तरह के मरीजों को बार-बार यह कहना पड़ रहा है कि यह मौसमी बीमारी है.
कोरोना वायरस नहीं. भरोसा होने के बाद ही स्वास्थ्य कर्मी ऐसे रोगी की जांच कर रहे हैं. मरीज मनोज कुमार यादव ने बताया कि सर्दी से लगातार छींक आ रही है. अस्पताल में आयें, तो इसे कोरोना समझ लिया गया. अंत में काफी प्रयास के बाद इलाज कराने में सफल हुए.
कई विभाग में मास्क लगा काम कर रही नर्स : अस्पताल के कई विभागों में नर्स मास्क लगा कर काम करने लगी है. जब तक अस्पताल में रहती हैं, तब तक मास्क यह पहन कर रखती हैं. पूछने पर बताती हैं कि क्या पता किस को क्या बीमारी है. ऐसे में मास्क पहन कर सुरक्षित रहने में क्या हर्ज है.
यहां बता दें, कोरोना से पहले कम ही नर्स मास्क लगाती थी. वहीं, बताया जा रहा हैं कि पिछले तीन दिन के आइसोलेशन वार्ड में भय से नर्स नहीं गयी हैं. चीन से आयी महिला मरीज की स्थिति देखने के बाद नर्सों में भय है. ऐसे में पूरी सुरक्षा नहीं होने की बात कही जा रही है. हालांकि इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की है.
संदिग्ध मरीजों का मुख्य गेट से प्रवेश बंद
कोरोना वायरस को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने कई नियम बनाया है. इसमें चीन से वापस आये संदिग्ध मरीजों का मैन गेट से अंदर आने पर रोक लगा दिया गया है. ऐसे संदिग्ध मरीजों को सबसे पहले आइसोलेशन वार्ड में लाने का निर्देश जारी किया गया है. यहां से सबसे पहले सैंपल लिया जायेगा.
संदिग्ध मरीज को किसी भी सूरत में अस्पताल के दूसरी जगह जाने पर रोक लगा दिया गया है. अस्पताल अधीक्षक डॉ आरसी मंडल ने बताया कि कोरोना वायरस के संदिग्ध पांच मरीज को 28 दिन की निगरानी में रखा गया है. यह जिम्मेदारी डब्ल्यूएचओ के एसएमओ को दिया गया है. लोग कोरोना के बारे में विशेष जानकारी 104 नंबर पर कॉल कर ले सकते हैं.
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