भागलपुर : गेस्ट शिक्षक नियुक्ति की दूसरी सूची जारी होने पर लग रहा धांधली का आरोप

Updated at : 22 Feb 2019 4:13 AM (IST)
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भागलपुर :  गेस्ट शिक्षक नियुक्ति की दूसरी सूची जारी होने पर लग रहा धांधली का आरोप

भागलपुर : टीएमबीयू से गेस्ट शिक्षक बहाली की दूसरी सूची बुधवार को जारी होने के बाद गड़बड़ी किये जाने के सवाल उठने लगे हैं. गेस्ट शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा विवि पर धांधली करने का आरोप लगाया जा रहा है. इससे पूर्व में विवि ने दिसंबर में गेस्ट शिक्षक बहाली के लिए 122 व छह गेस्ट शिक्षक […]

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भागलपुर : टीएमबीयू से गेस्ट शिक्षक बहाली की दूसरी सूची बुधवार को जारी होने के बाद गड़बड़ी किये जाने के सवाल उठने लगे हैं. गेस्ट शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा विवि पर धांधली करने का आरोप लगाया जा रहा है. इससे पूर्व में विवि ने दिसंबर में गेस्ट शिक्षक बहाली के लिए 122 व छह गेस्ट शिक्षक की सूची जारी की थी.

उस समय भी अभ्यर्थियों ने विवि पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था. इसे लेकर अभ्यर्थियों ने विवि में हंगामा व प्रदर्शन किया था. आरोप लगाने वाले कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी थे जिन्होंने कहा था कि इंटरव्यू में तीन अंक दिये गये हैं. चर्चा में है कि ऐसे अभ्यर्थी को भी विवि ने किस आधार पर योग्य माना. जबकि विवि ने दिसंबर के बाद दोबारा इंटरव्यू भी नहीं लिया है.

पहले सूची में नाम शामिल नहीं होने पर विज्ञापन को बताया था गलत : विवि से दिसंबर में जारी बहाली की सूची में नाम नहीं आने पर अभ्यर्थियों द्वारा बहाली के विज्ञापन पर ही सवाल खड़ा कर दिया था. मामले को लेकर हाइकोर्ट चले गये थे. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि यूजीसी के पीएचडी रेगुलेशन 2009 का उल्लंघन कर बहाली की गयी.
पहले भी नहीं बोले थे, अब भी नहीं बोलेंगे : पूरे मामले में नवनियुक्त अतिथि व्याख्याता संघ के अध्यक्ष डॉ आनंद आजाद ने कहा कि पहले भी मामले में कुछ नहीं बोले थे. अब भी कुछ नहीं बोलेंगे. पूर्व में जो लोग धांधली व कोर्ट गये थे, उनसे पूछे- कैसे सारा कुछ ठीक हो गया.
गेस्ट शिक्षक बहाली पर लग रहे आरोप को निराधार बताया : प्रभारी कुलपति प्रो लीला चंद साहा ने पूरे मामले में कहा कि गेस्ट शिक्षक बहाली को लेकर लगाये जा रहे आरोप निराधार व गलत है. पहली बार लिस्ट जारी किया गया था. उस समय भी विवि पर धांधली का आरोप लगाया गया था. जिन लोगों की बहाली नहीं होती है, वह विवि पर आरोप लगाते हैं.
चर्चा में कुछ ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें इंटरव्यू में मिले थे तीन अंक, विवि ने बना दिया योग्य
अभ्यर्थी ने लगाया आरोप, 2009 के बाद वाले पीएचडी धारकों को नियुक्त किया गया
महिला अभ्यर्थी का आरोप, होम साइंस विषय नहीं, कर दी बहाली
होम साइंस की अभ्यर्थी डॉ शगुफ्ता यासमीन ने विवि पर आरोप लगाया है कि उनका बेसिक विषय होम साइंस है. लेकिन उनकी नियुक्ति नहीं की गयी. जारी लिस्ट में कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को इस विषय में नियुक्त किया गया है, जिनका इंटर से लेकर स्नातक तक में होम साइंस का पेपर है ही नहीं. बहाल हुए अभ्यर्थी ज्यादातर विज्ञान के छात्र है.
उन्होंने कहा कि जून 2009 में पीएचडी किया था. आरोप लगाया कि 2009 के बाद पीएचडी करने वालों को बहाल किया गया है. इसे लेकर पूर्व में कुलपति को आवेदन भी दिया था. उन्होंने बताया कि दुमका कॉलेज व एसएम कॉलेज में पठन-पाठन कराने का अनुभव है.
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