अाराधना व साधना से तांत्रिक प्राप्त करते हैं शक्तियां

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Oct 2018 6:45 AM

विज्ञापन

भागलपुर : नवरात्र पर वैदिक रीति रिवाज से मां दुर्गा की आराधना हर जगह हो रही है. वहीं कई साधक ऐसे हैं जो तंत्र विधि से देवी मां के अनुष्ठान में लीन हैं. शहर के बरारी श्मशान घाट व विश्वविद्यालय से सटे भूतनाथ श्मशान घाट में वाममार्गी तांत्रिक शक्तियां प्राप्त करने की जतन में लगे […]

विज्ञापन
भागलपुर : नवरात्र पर वैदिक रीति रिवाज से मां दुर्गा की आराधना हर जगह हो रही है. वहीं कई साधक ऐसे हैं जो तंत्र विधि से देवी मां के अनुष्ठान में लीन हैं. शहर के बरारी श्मशान घाट व विश्वविद्यालय से सटे भूतनाथ श्मशान घाट में वाममार्गी तांत्रिक शक्तियां प्राप्त करने की जतन में लगे हैं.
तंत्र विधि से देवी मां की वर्षों से उपासना कर रहे जवारीपुर गांधीग्राम निवासी आशुतोष प्रभाकर ने इस अनुष्ठान के बारे में कई रोचक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बंगाल व असम में तंत्र साधना की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. पूर्वी भारत में तंत्र साधना का मुख्य केंद्र बंगाल का तारापीठ व असम का कामरूप कामाख्या है.
आशुतोष प्रभाकर ने बताया कि तंत्र साधना लोगों की मदद के लिए की जाती है. इस वर्ष वह तंत्र साधना पूरी दुनिया में शांति की स्थापना व जनकल्याण के लिए कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सामान्य वैदिक अनुष्ठान में लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिये करते हैं. जबकि तंत्र साधना का मकसद लोगों को परेशानी व बुरी शक्तियों के असर से बचाना है.
तंत्र साधना का मार्ग कठिन. आशुतोष प्रभाकर ने बताया कि देवी काे प्रसन्न करने के लिए सुपारी, परोल, कदीमा, भुआ व पाठे की बलि भी दी जाती है. उन्हाेंने सप्तमी व अष्टमी के मध्यकाल में मां तारा का तंत्र विधि से निशा पूजा व अनुष्ठान किया. उन्होंने बताया कि वेद व देवी पुराण में तंत्र साधना का विस्तार से वर्णन किया गया है.
इस साधना में कई तरह की परेशानी भी होती है. जानकार गुरु नहीं मिलने से कई लोग तंत्र साधना नहीं कर पाते. वहीं एक बार सिद्धि मिलने के बाद साधक का जीवन सफल हो जाता है. देवी से मिली शक्तियों के दुरुपयोग से साधक को इसका दुष्प्रभाव भी झेलना पड़ता है.
सन्नाटे में जागा कलिया मशान
बरारी श्मशान घाट में महाअष्टमी की शाम से ही तंत्र साधक औघर और इस तंत्र को सीखने वाले लोग सन्नाटे के बीच श्मशान घाट पहुंच रहे थे. देर शाम से ही औघरियों का जत्था घाट किनारे पहुंचने लगा. औघर रात में तंत्र विद्या सीखने में लगे थे. चारों ओर औघरियों की भीड़ लगी थी. साधकों के इस विद्या को देखने के लिए कई लाेग पहुंचे थे. शहर के कई श्मसान घाट व निरापद जगहों पर बुधवार की देर रात औघर तंत्र विद्या साधते दिखे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन