अब ऑपरेशन होगा आसान दूसरे दिन करने लगेंगे काम
Author Prabhat khabar digital desk
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भागलपुर : इंडियन एसाेसिएशन ऑफ गैस्ट्रोइंटैस्टिनल एंडो सर्जन (आइएजेस) लेप्रोस्क्रोपिक सर्जन फेलोशिप कोर्स का वर्कशॉप शुक्रवार को कचहरी चौक स्थित एक होटल में आरंभ हो गया. इसमें देश के जाने माने सर्जन ने लेप्रोस्क्रोपिक सर्जरी के बारे में विस्तार से बताया. तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन डॉ नवनीत कुमार, डॉ […]
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भागलपुर : इंडियन एसाेसिएशन ऑफ गैस्ट्रोइंटैस्टिनल एंडो सर्जन (आइएजेस) लेप्रोस्क्रोपिक सर्जन फेलोशिप कोर्स का वर्कशॉप शुक्रवार को कचहरी चौक स्थित एक होटल में आरंभ हो गया. इसमें देश के जाने माने सर्जन ने लेप्रोस्क्रोपिक सर्जरी के बारे में विस्तार से बताया. तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन डॉ नवनीत कुमार, डॉ श्याम देव गुप्ता, डॉ प्रियरंजन, डॉ विजय मित्तल, डॉ मीनाक्षी शर्मा और डॉ संजय सिंह ने लेप्रोस्क्रोपिक सर्जन के बारे में विस्तार से बताया.
अपने संबोधन में चिकित्सकों ने कहा कि पहले छोटा हो या बड़ा, कोई भी ऑपरेशन होने पर मरीज को परेशानी से गुजरना पड़ता था. कम से कम एक सप्ताह तक उसे बेड पर रहना होता था. इस वजह से इनका सारा काम बाधित हो जाता था. लेकिन आधुनिक चिकित्सा प्रणाली ने इस परेशानी को खत्म कर दिया है. लेप्रोस्क्रोपिक सर्जरी से हर ऑपरेशन आसान हो गया है.
इसमें मरीज के शरीर में ऑपरेशन करने के लिए मात्र एक छेद करना होता है. छेद में आधुनिक मशीन जो काफी छोटा होता है, उसे शरीर में डाला जाता है. रोगी के शरीर के अंदर दूरबीन से देखा जाता है. ऑपरेशन के बाद मरीज को एक दिन में ही छुट्टी मिल जाती है. सामान्य सा छेद शरीर में होने से यह बाहर से पता भी नहीं चलता है और मरीज का शरीर भी खराब नहीं होता है.
खास तौर पर गांठ और टांका लगाने की आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के रूप में इसे जाना जाता है. विदेशों में यह चिकित्सा प्रणाली का लाभ हर कोई ले रहा है, अब इसके प्रति अपने देश में जागृति आ रही है. साथ ही हर्निया, गॉल ब्लाडर, अप्रैटिंस का ऑपरेशन टीइपी और टीएपी विधि से इसमें किया जाता है. वहीं आयोजन सचिव डॉ मृत्युंजय कुमार चौधरी ने बताया कि, आज इस वर्कशॉप में शामिल लोगों को लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी के बारे में विस्तार से बताया गया है.
शनिवार को इसमें भाग ले रहे छात्रों को परीक्षा लिया जायेगा. इसमें जो छात्र सफल होंगे उसको दिल्ली में प्रमाणपत्र दिया जायेगा. इसके बाद ये छात्र लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी करने लगेंगे. इसके पहले इस सर्जरी को सीखने के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब वर्कशॉप में ही दिया जा रहा है. वहीं रविवार को तपस्पी नर्सिंग होम में लैप्रोस्क्रोपिक सर्जरी लाइव कर बताया जायेगा. इसके लिए तीन गरीब मरीजों को चुनाव किया गया है. इस मौके पर डॉ जेपी सिन्हा, डॉ महेश कुमार, डॉ रत्नेश कुमार, डॉ सुरेश कुमार समेत दर्जनों चिकित्सक मौजूद थे.
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