आश्वासन हर बार मिला, पर नहीं बदली आयुर्वेद कॉलेज की स्थिति
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Aug 2018 7:45 AM
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भागलपुर : सरकारी आश्वासनों की बाढ़ में राजकीय श्री यतींद्र नारायण अष्टांग आयुर्वेदिक कॉलेज, नाथनगर सुखाड़ झेल रहा है. कॉलेज की बेहतरी के लिए मंत्री से लेकर अधिकारियों ने कई बार बैठक की. आदेश भी जारी किया पर सुधार आज तक नहीं हो सका. बुनकर बहुल इलाके के आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में रोजाना सौ से […]
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भागलपुर : सरकारी आश्वासनों की बाढ़ में राजकीय श्री यतींद्र नारायण अष्टांग आयुर्वेदिक कॉलेज, नाथनगर सुखाड़ झेल रहा है. कॉलेज की बेहतरी के लिए मंत्री से लेकर अधिकारियों ने कई बार बैठक की. आदेश भी जारी किया पर सुधार आज तक नहीं हो सका. बुनकर बहुल इलाके के आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल में रोजाना सौ से ज्यादा मरीज इलाज कराने आते हैं. सरकारी फंड से खरीदी दवा का यहां वितरण भी किया जाता है. कई बाद दवा की कमी भी हो जाती है.
मंत्री के आदेश पर हुआ था टीम गठित, दो माह में करना था निरीक्षण : तीन माह पहले सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेदिक कॉलेज की दशा और दिशा सुधारने के लिए बैठक की थी. मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था सूबे के सभी आयुर्वेदिक कॉलेज हालत की जांच करने के लिए टीम गठित की जाये. रिपोर्ट के बाद सूबे के सभी कॉलेज की स्थिति में सुधार जरूरी है. इसे हर हाल में किया जाये. मंत्री के आदेश के बाद आज भी कॉलेज में टीम के आने का इंतजार हो रहा है.
2012 में संसाधन युक्त बनाने का दिया था आश्वासन : साल 2012 में बिहार सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा था सूबे में आयुर्वेदिक काॅलेज को मॉडल बनाया जायेगा. संसाधन के अभाव को दूर किया जायेगा. मंत्री ने आयुर्वेदिक के भविष्य को तलाशने के लिए योग गुरु रामदेव को भी लेकर यहां आये थे. इसके बाद आयुर्वेदिक कॉलेज की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ. अब अश्विनी कुमार चौबे केंद्रीय मंत्री बन चुके हैं. लेकिन यहां की व्यवस्था में सुधार का इंतजार आज भी है.
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