बुल्लन की बंदूक के लिए धरबा ने किया था कोसी का रूख
Updated at : 21 Aug 2018 8:34 AM (IST)
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नवगछिया : जमालदीपुर का धारो सिंह उर्फ धरबा नवगछिया के अपराध की दुनिया का भले ही एक नया नाम हो, लेकिन महज एक वर्ष में ही उसने दहशत का ऐसा माहौल पैदा किया कि लोग उसके नाम से ही कांपने लगे. सनक मिजाज और मनबढ़ू प्रवृति का होने के कारण गांव के लोग पिछले कई […]
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नवगछिया : जमालदीपुर का धारो सिंह उर्फ धरबा नवगछिया के अपराध की दुनिया का भले ही एक नया नाम हो, लेकिन महज एक वर्ष में ही उसने दहशत का ऐसा माहौल पैदा किया कि लोग उसके नाम से ही कांपने लगे. सनक मिजाज और मनबढ़ू प्रवृति का होने के कारण गांव के लोग पिछले कई वर्षों से धरबा से परहेज करने लगे थे.
गांव के लड़कों में मारपीट, मस्ती में आगे बढ़ चढ़ कर भाग लेने वाला धरबा तीन वर्ष पहले ही गांव में भय का माहौल बना चुका था. गांव के एक छोटे से गिरोह को संगठित कर धरबा ने कोसी दियारा की ओर रूख किया. उस समय धरबा अपराध की दुनिया में छाने को बेताब था, लेकिन उसके पास हथियार की कमी थी. कोसी दियारा में धरबा के गिरोह से प्रभात यादव की दोस्ती हुई, प्रभाष से दोस्ती कराने में धरबा के गिरोह के ही सुशील यादव की बड़ी भूमिका रही. उस समय बेलोरा बहियार में बुल्लन यादव गिरोह की चलती थी.
बुल्लन का करीब 25 वर्षों का आपराधिक इतिहास था. जातिगत हिंसा के दौड़ में बुल्लन फैजान गिरोह की कमान संभाल चुका था. इन दिनों वह दियारा में बड़े भू भाग पर कब्जा जमाये हुए था. बुल्लन की बादशाहत पर शैलेश सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे प्रभाष यादव की नजर थी. बुल्लन के रहते कोसी उसकी नहीं हो सकती थी. प्रभाष ने धरबा समेत उसके गिरोह के सुशील यादव, राजेश चौधरी आदि को बुल्लन की सुपारी दी और आपराधिक दुनिया में पूरी तरह से स्थापित कर देने का आश्वासन भी दिया.
इसके बाद एक साजिश के तरह धरबा का गिरोह बुल्लन यादव के गिरोह में जा मिला. एक दिन सुनियोजित तरीके से बुल्लन के साथ पहले बैठक कर सबों ने शराब पिया और उसकी हत्या कर उसकी दो नाली बंदूक ले कर भाग गये. बुल्लन की हत्या पिछले वर्ष जनवरी माह में की गयी थी. धरबा को कोसी में दादागिरी करनी नहीं थी, वह अपने सभी लड़कों के साथ गांव आ गया और गंगा दियारा की आपराधिक शक्ति शून्यता का फायदा उठाते हुए विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया.
धरबा के गिरोह को उसकी रहनुमाई कतई पसंद नहीं थी, इसका कारण यह था कि धरबा मनबढ़ू और सनकी प्रवृति का था. वह किसी की सुनता नहीं था. इस कारण बुल्लन की दो नाली बंदूक को लेकर धरबा का विवाद उसके ही गिरोह के सुशील सिंह से हो गयी. अंतत: धरबा ने सुशील को मार गिराया. इसके बाद पूरा गिरोह धरबा की बादशाहत स्वीकार कर चुका था. इन दिनों इस गिरोह का एक ही मकसद धन और हथियार इकट्ठा करना था. पप्पू पासवान व हरियो के अजय पासवान जैसे अपराधियों से सांठगांठ कर धरबा अपने गिरोह को नया आकार देने की फिराक में था.
मोस्ट वांटेड अनिल ने संभाली प्रभाष गिरोह की कमान
कोसी दियारा में प्रभाष यादव की गिरफ्तारी के बाद उसके गिरोह के अनिल यादव ने कोसी दियारा में प्रभाष यादव के गिरोह की कमान संभाल ली है. शैलेश हत्याकांड में अनिल यादव करीब दो वर्षों से फरार चल रहा है. प्रभाष यादव के साथ अनिल यादव भी शैलेश हत्याकांड का मुख्य आरोपित है. ग्रामीणों ने अनिल के आतंक से मुक्ति दिलाने को लेकर नवगछिया के वरीय पुलिस पदाधिकारियों से गुहार लगायी है. ग्रामीणों का कहना है प्रभाष जेल में रह कर ही गिरोह का संचालन कर रहा है.
इन दिनों कुख्यात प्रभाष यादव के गिरोह का सक्रिय सदस्य अनिल यादव सहित उनके सहयोगी हर्वे हथियार से लैस होकर खुलेआम घूम रहे हैं. अपराधियों के दियारा में हथियार के साथ गतिविधि रहने से आसपास के गांव के लोगों में दहशत है. कहड़पुर के ग्रामीणों ने नवगछिया एसपी निधि रानी को लिखित आवेदन देकर इन अपराधियों की गिरफ्तारी करने की मांग की है. कहड़पुर के राममिलन सिंह, राजकिशोर सिंह, संजय कुमार, मनीष कुमार सिंह सहित अन्य ने बताया कि ग्रामीणों ने दियारा में प्रभाष यादव का सक्रिय सदस्य अनिल यादव एवं अन्य अपराधी हथियार से लैस होकर घूमते रहते.
जिससे आम जनता को भय एवं डर का माहौल हमेशा बना रहता है. ग्रामीणों ने दियारा में छुट्टा घूम रहे अपराधियों की गिरफ्तारी करने एवं स्पीडी ट्रायल के तहत कुख्यात प्रभाष यादव को सजा दिलाने एवं प्रभाष यादव को नवगछिया उपकारा से दूसरे जेल में शिफ्ट कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि नवगछिया उपकारा में उनके रहने से दियारा में अापराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं हो सकता है.
प्रभाष यादव जेल में रहकर अपने गिरोह को संचालित कर रहा है, जिसके कारण कभी भी बड़ी अापराधिक घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है. ग्रामीणों ने अपने आवेदन में यह भी दिया है कि प्रभाष यादव ने सरस्वती पूजा के अवसर पर उसके गांव के एक होनहार युवक की विसर्जन के दौरान खुलेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी.
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