सीबीआइ की विशेष कोर्ट में जल्द दायर होगी दो चार्जशीट
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Aug 2018 6:07 AM
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भागलपुर : करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले में सीबीआइ ने विशेष कोर्ट में दो नये मामलों की चार्जशीट जल्द दायर होगी. यह चार्जशीट कई दिनों से जांच किये जा रहे तीन अलग-अलग विभागों में हुई राशि के गबन से जुड़ी हुई है. इस बार की चार्जशीट में सीबीआइ ने जमानत पर रिहा हो चुके कुछ […]
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भागलपुर : करोड़ों रुपये के सृजन घोटाले में सीबीआइ ने विशेष कोर्ट में दो नये मामलों की चार्जशीट जल्द दायर होगी. यह चार्जशीट कई दिनों से जांच किये जा रहे तीन अलग-अलग विभागों में हुई राशि के गबन से जुड़ी हुई है. इस बार की चार्जशीट में सीबीआइ ने जमानत पर रिहा हो चुके कुछ आरोपित का भी जिक्र किया है. इस तरह उन आरोपितों पर भी शिकंजा कसा जायेगा. राशि गबन के मामले में प्रशासन व बैंक के कर्मियों के गठजोड़ का सनसनीखेज खुलासा हुआ है.
बताया जाता है कि नजारत के राशि गबन को लेकर समाहरणालय के भी कुछ कर्मी का नाम चार्जशीट में लिया गया है, जिनकी भूमिका संबंधित राशि गबन के दौरान अहम थी. इसमें एक गोपनीय शाखा में कार्यरत पूर्व कर्मी का भी है, हालांकि संबंधित कर्मियों के नाम की पुष्टि चार्जशीट होने पर ही संभव हो पायेगी.
नजारत में एक प्राथमिकी को लेकर पहले ही हो चुकी चार्जशीट : जिला नजारत की पहली प्राथमिकी को लेकर पहले ही चार्जशीट हो चुकी है. इसमें मुख्यमंत्री नगर विकास योजना की 12 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक का अवैध हस्तांतरण संबंधित सृजन समिति के खाते में हो गया था. जिसके बदले घोटालेबाजों ने दो करोड़ रुपये की राशि दोबारा जमा कर दी थी. मुख्यमंत्री नगर विकास योजना के तहत साढ़े पांच करोड़ रुपये सृजन समिति को हस्तांतरित हुए थे. योजना की राशि की निकासी अवैध रूप से चेकबुक इश्यू करवाते हुए किया गया.
पटना व दिल्ली में बुलाये गये थे नजारत, को-ऑपरेटिव बैंक व डूडा से संबंधित कर्मी : नजारत, को-ऑपरेटिव बैंक व डूडा से जुड़ी प्राथमिकी जांच को लेकर पिछले दिनों पटना व दिल्ली सीबीआइ कार्यालय में पदाधिकारी व कर्मचारी को बुलाया गया था. जिला नजारत के प्रधान सहायक ओम श्रीवास्तव को जहां दिल्ली सीबीआइ दफ्तर में बुलाकर चार्जशीट में उल्लेख किये गये बातों की पुष्टि करायी गयी, वहीं को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक सुभाष कुमार को भी पटना में बुलाया गया था. इस दौरान डूडा के भी अधिकारी भी सीबीआइ जांच में गये थे.
नीलाम पत्र वाद : सिविल सर्जन की तरफ से नहीं भरी गयी कोर्ट फीस
नीलाम पत्र पदाधिकारी सह आपूर्ति पदाधिकारी की कोर्ट में सिविल सर्जन कार्यालय में सृजन घोटाले को लेकर गबन हुई राशि के बारे में बैंक आॅफ बड़ौदा पर दायर नीलाम पत्र की सुनवाई हुई. बैंक की तरफ से जिरह करने आये अधिवक्ता केशव झा ने कहा कि पिछली बार उनके स्तर पर सिविल सर्जन द्वारा एक्ट के तहत कोर्ट फीस भरने पर जिरह किया था.
उसमें कोर्ट ने भी सीएस को सुनवाई में दावा की गयी राशि के अनुरूप कोर्ट फीस देने के लिए कहा था, जो नहीं दिया गया. अगली तारीख 31 अगस्त की है. बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से अधिवक्ता बार-बार यह मांग उठा रहे हैं कि, मामला सीबीआइ कोर्ट में चल रहा है, इस कारण स्थानीय नीलाम पत्र वाद नहीं चलाया जाये. कोर्ट ने उनकी मांग को अभी तक खारिज कर रखा है.
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