सवर्ण सेना ने कराया बंद, हंगामा, मारपीट, चौराहों को बांस से घेरकर रोका रास्ता, विरोध में टायर भी जलाया और की नारेबाजी
Updated at : 10 Aug 2018 6:50 AM (IST)
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भागलपुर : केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में सवर्ण सेना द्वारा भागलपुर बंद कराया गया. इस बंद का समर्थन अंग क्रांति सेना ने किया. तिलकामांझी चौक पर पूरे चौराहों को बांस से घेर दिया गया और विरोध में टायर भी जलाया. इस दौरान बंद समर्थकों ने जम कर हंगामा किया. वाहन चालकों के साथ […]
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भागलपुर : केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में सवर्ण सेना द्वारा भागलपुर बंद कराया गया. इस बंद का समर्थन अंग क्रांति सेना ने किया. तिलकामांझी चौक पर पूरे चौराहों को बांस से घेर दिया गया और विरोध में टायर भी जलाया. इस दौरान बंद समर्थकों ने जम कर हंगामा किया.
वाहन चालकों के साथ मारपीट की. सवर्ण सेना बिहार द्वारा आहूत बिहार बंद का समर्थन अंग क्रांति सेना बिहार के संयोजक शिशिर रंजन सिंह ने किया. अपने कार्यकर्ताओं के साथ तिलकामांझी चौक की दुकानों को बंद करवाया. बंद के दौरान वाहनों का परिचालन बंद करा दिया गया. एससी एसटी एक्ट कानून संशोधन अध्यादेश लाने के विरोध में बिहार बंद किया गया.
अंग क्रांति सेना के नेता व सवर्ण समाज के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ताओं ने खलीफाबाग चौक, सूजागंज बाजार स्टेशन चौक सभी जगह बंद करवाया. सवर्ण सेना के प्रदेश महासचिव गुलशन चौधरी व अंग क्रांति सेना के संयोजक शिशिर रंजन सिंह इनकी अगुवाई कर रहे थे. बंद के दौरान अंग क्रांति सेना संगठन की मांग है कि कि आर्थिक आधार पर आरक्षण संपूर्ण देश में लागू हो.
गिरफ्तारी देने वालों में अंग क्रांति सेना के संयोजक शिशिर रंजन सिंह, सवर्ण सेना के प्रदेश महासचिव गुलशन चौधरी, जिला अध्यक्ष सानू सनगही, एनएसयूआइ के प्रदेश संयोजक गौतम सिंह, सवर्ण सेना के जिला महासचिव आलोक सवर्ण, छात्र संघर्ष मोरचा जिलाध्यक्ष अभिषेक तिवारी, राजू सिंह, सुधांशु, गौतम झा, शत्रुघन सिंह, साकेत राज, गुलशन, प्रशांत, नमन, आयुष, राजू, दीपक सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.
तोड़-फोड़ की दी चेतावनी तो एक घंटे के लिए बंद हो गया बाजार. एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सवर्ण सेना ने भारत बंद के तहत बुधवार को मुख्य बाजार की दुकानों को एक घंटे के लिए बंद कराया. इससे मुख्य बाजार में बंदी का आंशिक असर दिखा. दोपहर 12 बजे तक बाजार में चहल-पहल थी. दोपहर एक बजे खलीफाबाग चौक पर 25 की संख्या में कार्यकर्ताओं ने आकर तोड़-फोड़ करने की चेतावनी दी और जत्था के साथ वेराइटी चौक होते हुए स्टेशन चौक तक पहुंचे.
इससे एहतियात के तौर पर दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर ली. एक घंटे के बाद पुलिस बल ने बंद समर्थकों को खदेड़ दिया और व्यवसायियों से दुकान खोलने की अपील की. धीरे-धीरे सारी दुकानें खुल गयी. हालांकि 10 फीसदी दुकानें पूरी तरह से बंद रही. अफरा-तफरी माहौल में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मंदी के समय में एक घंटे की बाजार बंदी से 10 से 20 लाख का कारोबार प्रभावित हुआ.
बंद समर्थकों को बांड भरवा कर छोड़ा गया
भागलपुर. सवर्ण सेना की ओर शहर में किये गये बंद के बाद हंगामा करने वाले करीब दो दर्जन युवकों को पुलिस पकड़ कर कोतवाली थाना आ गयी. करीब पांच घंटे तक उन्हें थाना में रखने के बाद वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें पीआर बांड भरवा कर छोड़ दिया.
उधर तिलकामांझी चौक से बंद समर्थकों को हिरासत में लिये जाने के बाद कुछ समर्थक खलीफाबाग चौक पहुंच कर हंगामा करने लगे और प्रतिष्ठानों को बंद करवाने लगे. हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही वे लोग वहां से भाग निकले थे.
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