जेसीबी व गैराज वाले मस्त, ट्रक चालकों को लग रहे अतिरिक्त 25 हजार

Updated at : 01 Aug 2018 6:30 AM (IST)
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जेसीबी व गैराज वाले मस्त, ट्रक चालकों को लग रहे अतिरिक्त 25 हजार

भागलपुर : जीरोमाइल से इंजीनियरिंग कॉलेज तक सड़क को मोटेरेबुल बनाने के एनएच प्रशासन के तमाम दावे के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस है. इस अव्यवस्था के बीच प्राइवेट जेसीबी व गैराज चलाने वाले मिस्त्री बमबम हैं. ट्रक चालक रो रहे हैं और आमलोग बेहाल हैं. ट्रक चालकों का आरोप है कि सड़क […]

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भागलपुर : जीरोमाइल से इंजीनियरिंग कॉलेज तक सड़क को मोटेरेबुल बनाने के एनएच प्रशासन के तमाम दावे के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस है. इस अव्यवस्था के बीच प्राइवेट जेसीबी व गैराज चलाने वाले मिस्त्री बमबम हैं. ट्रक चालक रो रहे हैं और आमलोग बेहाल हैं. ट्रक चालकों का आरोप है कि सड़क बनानेवाले ठेकेदार जानबूझकर निर्माण को रोककर रखा है. इसमें पुलिस, परिवहन विभाग, एनएच के अभियंता और ठेकेदार की मिलीभगत है. ट्रक चालकों ने बताया कि गड्ढों से प्राइवेट जेसीबी संचालकों को मोटी कमाई हो रही है. ट्रक निकालने के लिए चार हजार रुपये मांगे जा रहे हैं.
इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने फंसे तीन ट्रक : मंगलवार सुबह कई ट्रक चालकों ने मोलभाव कर अपने ट्रक को जेसीबी से निकलवाया. इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने सड़क पर बने गड्ढे में सुबह के समय बारी-बारी से तीन ट्रकें खराब होकर सड़क पर समानांतर रूप से खड़ी हो गयीं. सड़क पर दोनों ओर से वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. गड्ढे में खराब होकर फंसे ट्रकों के बीच संकरे रास्ते से दिनभर छोटी वाहनें किसी तरह निकलती रही. ट्रक ड्राइवर भीखन ने बताया कि मिर्जाचौकी से मुजफ्फरपुर के बीच की दूरी करीब 200 किलोमीटर है. मिर्जाचौकी से जीरोमाइल तक सात दिन में पहुंचे हैं. खाने पीने और डीजल पर 10 हजार का नुकसान होगा. ऐसे में एक ट्रक को पासिंग रेट, जाम और गड्ढे से 25 हजार का नुकसान हो रहा है. अगर ट्रक खराब हुआ तो इसमें 25 हजार तक अतिरिक्त खर्च होने की आशंका रहती है.
महज एक जेसीबी से सड़क की मरम्मत : मंगलवार को महज एक जेसीबी से सड़क पर बने विशाल तालाबनुमा गड्ढों को भरने का प्रयास किया जा रहा था. पानी भरे गड्ढे में डाले जा रहे डस्ट से दलदल जैसी स्थिति से वाहनों को सामना करना पड़ रहा है. इस अव्यवस्था के बीच इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने खड़ी जेसीबी ने वाहनों को निकालने का कोई प्रयास नहीं किया. इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने खराब हुई तीन ट्रक को ठीक करा रहे ड्राइवर भीखन, उपेंद्र, उमा ने बताया कि मनमाना रेट नहीं मिलने के कारण जेसीबी ने एक बार ट्रक को निकालने की खानापूर्ति की. फिर यह कहकर निकल गया कि यह जेसीबी से नहीं निकलेगा.
सड़क पर ट्रकों की कतार, किनारे में कीचड़ और गड्ढे, फंस रहे छोटे वाहन
बाबूपुर मोड़ से सबौर बाजार तक बनी सड़क पर एक ओर ट्रकों की लंबी कतार लगी हुई है. वहीं शेष बचे सड़क के दूसरे हिस्से होकर दाेनों ओर से वाहनों का दबाव बना हुआ है. सड़क के किनारे कच्ची फ्लैंक में गड्ढे और कीचड़ भरे हैं. इस होकर छोटी वाहनों को आगे निकलने में खूब परेशानी हो रही है.
चार हजार रुपये लेकर गड्ढे में फंसे ट्रक को निकाल रहे जेसीबी
गिट्टी लदे ट्रक को मिर्जाचौकी से जीरोमाइल पहुंचने में लगे सात दिन ट्रक चालकों को खाने-पीने और डीजल पर 10 हजार का होगा नुकसान
एक ट्रक को पासिंग रेट, जाम और गड्ढे से 25 हजार का नुकसानगैराज मिस्त्री की रोजाना 25 हजार तक कमाईट्रक चालकों ने बताया कि प्राइवेट जेसीबी संचालकों के साथ-साथ वाहन की मरम्मत करने वाले गैराज मिस्त्री मालामाल हो रहे हैं. मिस्त्री अफरोज ने बताया कि जाम में अक्सर क्लच प्लेट और गुल्ला टूट रहा है. इसे ठीक कराने में ट्रक ऑनर के 15 हजार तक खर्च हो रहे हैं. बीते कई दिनों में हमें रोजाना 20 से 25 हजार रुपये कमाई हो रही है.
ट्रक चालक बोले : सड़क बनाने वाले ठेकेदार ने जानबूझकर निर्माण को रोक रखा है, इसमें पुलिस, परिवहन विभाग, एनएच के अभियंता और ठेकेदार की है मिलीभगत
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