नहीं बना नर्सरी के लिए हाइटेक पॉली हाउस
Updated at : 01 Jul 2018 5:38 AM (IST)
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भागलपुर : राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत जिले में बागवानी को समृद्ध बनाने के लिए हाइटेक पॉली हाउस का निर्माण अब तक नहीं हो सका है, जबकि इसकी तैयारी दो वर्ष पहले शुरू हो गयी थी. बागवानी मिशन के तहत एक करोड़ की योजना आयी थी. शाहकुंड प्रखंड कार्यालय के पीछे तीन वर्ष पहले 25 […]
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भागलपुर : राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत जिले में बागवानी को समृद्ध बनाने के लिए हाइटेक पॉली हाउस का निर्माण अब तक नहीं हो सका है, जबकि इसकी तैयारी दो वर्ष पहले शुरू हो गयी थी. बागवानी मिशन के तहत एक करोड़ की योजना आयी थी. शाहकुंड प्रखंड कार्यालय के पीछे तीन वर्ष पहले 25 एकड़ भूमि में निर्माण कार्य की तैयारी शुरू कर दी गयी थी.
अत्याधुनिक नर्सरी के लिए शाहकुंड में जमीन मापी हो चुकी थी. एक करोड़ की राशि से छह माह में पॉली हाउस बनना था. हर वर्ष एक लाख आम, अमरूद, पपीता व सहजन के पौध तैयार होते. यहां के किसान अब भी दूसरे प्रांत से आने वाले पौधे पर ही निर्भर है. उद्यान विभाग से जुड़े लोगों के अनुसार सरकार से पूरा फंड ही नहीं मिल सका.
भागलपुर में मांग के अनुरुप नहीं तैयार होते हैं पौधे: किसानों की मांग के अनुरूप पौधा तैयार नहीं हो पाता था, बाहर से पौधे मंगाना पड़ता था. उद्यान विभाग को बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बेगूूसराय से आम व अमरूद के पौधे मंगाये जाते हैं. नर्सरी के लिए पॉली हाउस व सेटनेट बनेगा. यहां प्रदेश उद्यान विभाग की ओर से जो पौधा लगाने का लक्ष्य तय होता है, उससे कहीं अधिक किसानों की संख्या हो जाती है. सभी किसानों को पौधा लगाने का लाभ नहीं मिल पाता है.
25 एकड़ भूमि पड़ा है परती: जिस 25 एकड़ जमीन में पॉली हाउस बनना था, वह अभी परती है. पिछले वर्ष10 एकड़ में सब्जी की खेती के लिए दिया गया था. विभाग की ओर से पीपीपी मोड पर स्थानीय किसानों को 10 एकड़ भूमि सब्जी की खेती के लिए दिया गया था, ताकि सरकार के संसाधन का सदुपयोग हो सके. विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि इस बार भी बारिश का मौसम शुरू होने के बाद किसानों को यह जमीन खेती के लिए उपलब्ध कराया जायेगा. दरअसल अभी सिंचाई की समुचित सुविधा नहीं है.
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