''शिकायत'' जांचने वाले से पुलिस मुख्यालय को गंभीर शिकायत

Updated at : 28 Jun 2018 4:34 AM (IST)
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''शिकायत'' जांचने वाले से पुलिस मुख्यालय को गंभीर शिकायत

भागलपुर : लोक शिकायत निवारण कोषांग में आनेवाली शिकायत पर जिला पुलिस ध्यान नहीं देती. इस लापरवाही को देख पुलिस मुख्यालय गर्म है. सूबे के सभी वरीय पुलिस अधीक्षक को जल्द से जल्द आवेदन को निष्पादित करने का निदेश जारी किया गया है. 5 जून 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक शिकायत निवारण कोषांग […]

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भागलपुर : लोक शिकायत निवारण कोषांग में आनेवाली शिकायत पर जिला पुलिस ध्यान नहीं देती. इस लापरवाही को देख पुलिस मुख्यालय गर्म है. सूबे के सभी वरीय पुलिस अधीक्षक को जल्द से जल्द आवेदन को निष्पादित करने का निदेश जारी किया गया है. 5 जून 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक शिकायत निवारण कोषांग को आरंभ किया था.
सीएम ने उस वक्त कहा था अब शिकायतों की सुनवाई ही नहीं, समाधान होगा. इस घोषणा के दो साल बाद ही पुलिस विभाग अपने कार्यालय से जुड़ी शिकायत की जांच करने में हांफ रहा है. वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर से जुड़े 212 शिकायत कोषांग को प्राप्त हुआ, लेकिन मात्र दो का निष्पादन किया गया है.
ई मेल से भी मिलती है शिकायत. एक फरवरी 2018 से 31 मई तक शिकायत निवारण कोषांग पटना मुख्यालय को विभिन्न माध्यमों से आवेदन प्राप्त हुआ.भागलपुर एसएसपी कार्यालय से जुड़े 169 मामले पुलिस मुख्यालय को प्राप्त हुआ. मुख्यालय ने इसकी जांच के लिए एसएसपी कार्यालय को भेजा पर एक आवेदन की जांच पूरा नहीं हो सकी. इसी कार्यालय से 11 मामले ई मेल के माध्यम से मुख्यालय को प्राप्त हुआ. इसका भी निष्पादन नहीं हो सका. मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी 30 मामले इसी कार्यालय से जुड़ा हुआ भेजा, पर निष्पादन एक का नहीं हुआ. मुख्य सचिव कार्यालय को भी एसएसपी कार्यालय से जुड़ा मामला मिला.
इसकी भी जांच एसएसपी नहीं करा पाये. वहीं शहर के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी आइजी कार्यालय से जुड़े तीन आवेदन जांच के लिए भेजा गया, जिसकी जांच कर मुख्यालय को भेज दिया गया. डीआइजी कार्यालय से जुड़े आवेदन पुलिस मुख्यालय से पांच, ई मेल से दो और मुख्यमंत्री सचिवालय से एक आवेदन मिला. मुख्यालय को अब भी इसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है. भागलपुर पुलिस जिला के अलावा नवगछिया पुलिस भी पीछे नहीं है. पुलिस मुख्यालय को नवगछिया एसपी कार्यालय से जुड़े 43 आवेदन, ई मेल से तीन और मुख्यमंत्री सचिवालय से तीन, मुख्य सचिव कार्यालय से एक आवेदन प्राप्त हुआ.
इनमें एक भी आवेदन की जांच करने में नवगछिया पुलिस सफल नहीं हो सकी. जिले में सीटीएस नाथनगर की कार्यशैली बेहतर है. इससे जुड़े मात्र एक आवेदन मुख्यालय को प्राप्त हुआ था, जिसका निष्पादन कर दिया गया है.
मात्र छह प्रतिशत आवेदन को निष्पादित कर सका है पुलिस विभाग
पूरे राज्य में अब तक विभिन्न मामलों को लेकर लोक शिकायत निवारण कोषांग के पास चार माह में 4186 आवेदन लिखित प्राप्त हुआ है. इसमें निष्पादन मात्र 266 आवेदन का हुआ है. ई मेल से 681 आवेदन प्राप्त हुआ है, पर निष्पादन मात्र 64 का किया गया. मुख्यमंत्री सचिवालय को 992 आवेदन भेजा गया है, लेकिन मात्र 26 का निष्पादन किया गया है.
मुख्य सचिव को 212 आवेदन प्राप्त हुआ, पर मात्र चार आवेदन की जांच की गयी. यानी सभी माध्यम से 6071 आवेदन पुलिस मुख्यालय को प्राप्त हुआ और निष्पादन मात्र 360 का हुआ. इस तरह मात्र 5711 आवेदन अब तक लंबित है. इस हिसाब हिसाब से लोक शिकायत निवारण के लिए किये गये कार्य का प्रतिशत मात्र छह है.
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