हरहा नदी पार करते समय पानी की तेज बहाव में फंसा ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोगों ने बचाई जान

भारत-नेपाल सीमा से सटे पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने से गंडक नदी समेत पहाड़ी नदियां में जल संकट और बाढ़ का खतरा गहराने लगा है.
हरनाटांड़. भारत-नेपाल सीमा से सटे पहाड़ी क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने से गंडक नदी समेत पहाड़ी नदियां में जल संकट और बाढ़ का खतरा गहराने लगा है. बीते दिनों हुई लगातार बारिश की वजह से सबसे अधिक परेशानी वीटीआर की गर्भ में बसे दोन क्षेत्र में वन वर्ती इलाके के लोगों को हो रही है. दोन क्षेत्र में पहाड़ों और जंगल में बीते तीन दिनों तक लगातार बारिश हुई. नतीजतन क्षेत्र की सभी पहाड़ी नदियों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. इसी क्रम में रामनगर प्रखंड के नौरंगिया दोन क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा टल गया. हरहा नदी पार करते समय पानी की तेज बहाव में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गयी. हालांकि सभी सवार ग्रामीणों की जान बच गयी. बताया जा रहा है कि यह घटना हरनाटांड़ बाजार से लौटते समय हुई. गोबरहिया दोन निवासी मंजीत महतो की ट्रैक्टर-ट्रॉली पर धान की बोरियां लदी थीं और कुछ ग्रामीण भी सवार थे. नौरंगिया दोन से हरनाटांड़ बाजार आते समय जब वे हरहा नदी पार कर रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव बहुत तेज हो गया. पानी की तेज धार के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी की बीच धारा में फंस गयी.
एक दूसरे को सहयोग कर बचाई जान
ग्रामीण एक दूसरे को सहयोग कर अपनी जान बचाई और नदी से बाहर आए. बताया जाता है कि गोबरहिया दोन के मंजीत महतो का ट्रैक्टर अब भी नदी में फंसा है. जिसको सुरक्षित निकालने के लिए मशक्कत की जा रही है. बताया जाता है कि ट्रैक्टर पर करीब 30 लोग सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हरहा नदी का पानी इन दिनों काफी तेज बहाव के साथ बह रहा है. ऐसे में ट्रैक्टर व छोटे वाहनों का इस रास्ते से गुजरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी पर पुल निर्माण की मांग उठाई है. ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही हो रही प्रभावितगौरतलब है कि हाल के दिनों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. शुक्रवार की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आधारभूत संरचना और सुरक्षित मार्ग की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल, राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन लोगों ने इसे एक बड़ी चेतावनी के रूप में लिया है. उधर चंपापुर-गोनौली पंचायत के बादशाह नदी के उफान से कई गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है. चंदन सिंह ने बताया कि पिछले बार भी बढ़ा आई थी तो गांव में पानी घुस गया था. फिर शुक्रवार की सुबह में बाढ़ आई है तो पानी घुस गया है. जिससे कई घरों में भोजन नहीं बना है.
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