ePaper

टाइगर रिजर्व में फिर आ धमका नेपाली हाथियों का झुंड, गोनौली के टी 31 में फसल की तबाही

Updated at : 29 Sep 2025 5:56 PM (IST)
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व में फिर आ धमका नेपाली हाथियों का झुंड, गोनौली के टी 31 में फसल की तबाही

नेपाली हाथियों ने एक बार फिर सोमवार की सुबह कक्ष संख्या टी 31 में एपीसी से सटे धान के खेतों में पहुंचकर लगभग आधा एकड़ में लगे धान की फसल को बर्बाद करते हुए उत्पात मचाया है.

विज्ञापन

वाल्मीकिनगर.टाइगर रिजर्व वन प्रमंडल दो के गोनौली वन क्षेत्र में पड़ोसी देश नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज से भटके लगभग आधा दर्जन से ज्यादा नेपाली हाथियों ने एक बार फिर सोमवार की सुबह कक्ष संख्या टी 31 में एपीसी से सटे धान के खेतों में पहुंचकर लगभग आधा एकड़ में लगे धान की फसल को बर्बाद करते हुए उत्पात मचाया है. वीटीआर वन क्षेत्र से एक सप्ताह पहले ही हाथियों के दल को नेपाल की ओर लौट जाने का सूचना मिल रही थी. लेकिन सोमवार की सुबह में नेपाली हाथियों का झुंड फिर से टाइगर रिजर्व की हरियाली, बेहतर भोजन और पीने के पानी की प्रचुरता के कारण आ धमका है.इस बाबत जानकारी देते हुए गोनौली वन क्षेत्र पदाधिकारी राजकुमार पासवान ने बताया कि टाइगर रिजर्व और नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज की खुली सीमा का लाभ लेकर इन दिनों नियमित अंतराल पर मेहमान हाथियों का आगमन टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में हो रहा है. लगभग आधा दर्जन हाथियों के विचरण की संभावना जताई जा रही है.हाथियों द्वारा किसान आमोद श्रीवास्तव के आधा एकड़ में फैले धान की फसल को हाथियों ने रौंद दिया है.इसके पश्चात हाथियों का झुंड कक्ष संख्या टी 31 से होते हुए वीटीआर के जंगल में प्रवेश कर जाने की सूचना है.हाथियों के झुंड को देखने के बाद यहां के निवासियों में भय का माहौल व्याप्त हो गया है. संभावना है कि हाथियों के झुंड में कुल छह से ज्यादा हाथी शामिल है. जिसमें बच्चा भी है.बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व में इन दिनों भोजन की तलाश में आए नेपाली हाथी वन क्षेत्र में नुकसान पहुंचा रहे है. ऐसा वन विभाग का मानना है. बताया जाता है की चितवन निकुंज क्षेत्र में हाथियों के भोजन में कमी होने के चलते ही नेपाली हाथी वीटीआर की सीमा में प्रायः प्रवेश कर रहे हैं. और कुछ दिनो तक चहलकदमी करने के पश्चात फिर से नेपाल वापस भी चले जाते हैं. नेपाल के चितवन नेशनल पार्क (राष्ट्रीय निकुंज) की खुली सीमा वीटीआर से मिली जुली है. समानांतर घना जंगल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था नेपाल के हाथियों को खांसी भा रहा है. जिसके चलते बार बार नेपाली हाथी चितवन निकुंज के सरहद को पार कर वीटीआर वन क्षेत्र में आ जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SATISH KUMAR

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन