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गौरीपुर मंझरिया और बरगजवा के दर्जभर घरों में समाया मनियारी नदी का पानी, संपर्क भंग

Updated at : 29 Sep 2024 9:49 PM (IST)
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गौरीपुर मंझरिया और बरगजवा के दर्जभर घरों में समाया मनियारी नदी का पानी, संपर्क भंग

पहाड़ी नदी हड़बोड़ा, पंडई और मनियारी के पानी से भारी तबाही मची है.

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—- पंडई नदी के पानी से घिरा एसएसबी कैंप कैंप मुख्यालय में घुसा पानी

—– बरगजवा में नहर का बांध टुटा हजारो एकड़ धान और गन्ने की फसलें डूबी

नरकटियागंज . तीन दिनो से नेपाल और उसके जल अधीग्रहणवाले क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद रविवार को भी पहाड़ी नदियों का विकराल रूप देखने को मिला. पहाड़ी नदी हड़बोड़ा, पंडई और मनियारी के पानी से भारी तबाही मची है. गौरीपुर मंझरिया और बरगजवा गावं में जहां दर्जन भर लोगों का घर ढह गया है. वहीं दो दर्जन से उपर घरो में पानी घुसने से लोगो का हुक्का पानी बंद है. गौरीपुर मंझरिया नरकटियागंज आने वाली सड़क आधा दर्जन जगहो पर पुरी तरह कट गयी है. इससे सवारियों का आना जाना बंद है. वही बरगजवा में नहर बांध टुटन से हजारो एकड़ खेत में लगी गन्ने और धान की फसलें पुरी तरह डूब गयी है. वही हड़बोड़ा नदी के पानी से दहड़वा टोना और पकड़ी गांव के समीप रास्ते पर एक से दो फीट तक पानी बहा. जबकि डीएवी स्कूल, दहड़वा टोला, पिपरा, आदि गांव पुरी तरह जलमग्न है. पंडई नदी के पानी से कृषि विज्ञान केन्द्र और एसएसबी 44 वीं वाहिनी का मुख्यालय पानी से चारो तरफ से घिर गया है. एसएसबी मुख्यालय के अंदर भी पानी घुस गया है. सीओ सुधांशु शेखर ने बताया कि जहां जहां सड़के घ्वस्त हुई है. इसकी रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को दी गयी है. नीचले इलाके के लोगो को हर संभव मदद दी जाएगी. लोगो को बाढ़ आश्रय स्थल पर रहने का निर्देश दिया गया है.

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कुंडिलपुर पंचायत में कई झोपड़िया टूटी

कुंडिलपुर के फैक्स अध्यक्ष मुरारी कुश्वाहा ने बताया कि मनियारी नदी के पानी से जहां रास्ता कट गया है पैक्स गोदाम कट गया है. वही गांव के नरेश मांझी, होन्द्र मांझी, नत्थु महतो, भगेलु महतो, मनकानी देवी का मकान बाढ़ के पानी में ढह गया है. मुखिया प्रतिनिधि अभय सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी से बरगजवा गांव के लालबाबु राय, सुग्रीव राय, वीरेन्द्र महतो के मिट्टी का मकान ढह गया है.

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बाढ़ के पानी से कृषि विज्ञान केन्द्र समेत धान फसल संग्रहालय डूबा

नरकटियागंज : कृषि विज्ञान केंद्र नरकटियागंज के प्रक्षेत्र पर किए जा रहे धान, गन्ना, मडुआ बीज उत्पादन कार्य तथा किसानों की जानकारी के लिए स्थापित धान एवं गन्ना फसल संग्रहालय की फसलें पानी में पुरी तरह डूब गयी है. फसल संग्राहलय भी डूब गये है. संग्रहालय में 48 प्रभेद के फसलो का संग्रह है. कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ आरपी सिंह ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र में हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है. खेतो से पानी निकालने के लिए टीम लगायी गयी है. उन्होने बताया कि दो से तीन दिनों में हुई बारिश की वजह से तथा गंडक बैराज द्वारा छोड़े गए पानी के कारण फासले डूब चुकी हैं. यदि पानी शीघ्र नहीं निकलता है तो काफी नुकसान होने की संभावना है. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र पर धान के साथ मछली पालन कैसे किया जाए इसका भी प्रदर्शन लगाया गया है और वह भी बाढ़ के पानी से पूरी तरीके से डूब चुका है. कृषि विज्ञान केंद्र के फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉक्टर अभिक पात्रा, उद्यान वैज्ञानिक डॉ आशुतोष कुमार, तकनीकी सहायक अशोक बैठा मौजूद रहे.

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