कुमारबाग इंजीनियरिंग कॉलेज में नवाचार का प्रदर्शन: छात्रों ने बनाए AI डॉक्टर और प्रदूषण मुक्त जैव ईंधन

Published by :Aaruni Thakur
Published at :11 May 2026 3:38 PM (IST)
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प्रदर्शनी की फोटो

Bettiah News: कुमारबाग इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों ने अपनी तकनीकी सृजनशीलता का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनी में कैंसर और न्यूरो रोगों की पहचान करने वाले एआई सिस्टम के साथ-साथ प्लास्टिक कचरे से बना प्रदूषण मुक्त ईंधन सबका मुख्य आकर्षण रहा. पढ़ें पूरी खबर...

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Bettiah News: पश्चिम चंपारण के कुमारबाग स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाया. महाविद्यालय परिसर में आयोजित भव्य प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में छात्रों ने साइबर सुरक्षा, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग से जुड़ी एक से बढ़कर एक नवाचारी परियोजनाएं पेश कीं. इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हरित ऊर्जा पर आधारित प्रोजेक्ट्स मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे.

AI और ‘कृषि सखा’ से आसान होगी राह

कंप्यूटर विज्ञान विभाग के छात्रों ने “न्यूरोएक्सप्लेन एआई” नामक एक विशेष प्रणाली विकसित की है. यह तकनीक तंत्रिका संबंधी बीमारियों की शुरुआती पहचान कर सटीक चिकित्सकीय निर्णय लेने में डॉक्टरों की मदद करेगी. वहीं, किसानों के लिए तैयार “कृषि सखा” प्रोजेक्ट फसल चयन, सिंचाई और मौसम के सटीक पूर्वानुमान के माध्यम से खेती को स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. इसके अलावा छात्रों ने स्वास्थ्य और खेल प्रबंधन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी प्रदर्शित किए.

खाद्य तेल और प्लास्टिक वेस्ट से बना पर्यावरण अनुकूल ईंधन

मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. छात्रों ने इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल और प्लास्टिक कचरे के तेल से जैव ईंधन (Bio-fuel) तैयार किया है. परीक्षण के दौरान पाया गया कि प्लास्टिक वेस्ट से बना ईंधन सामान्य डीजल की तरह ही प्रभावी है, जबकि इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के मिश्रण से कार्बन उत्सर्जन में 25 प्रतिशत तक की कमी देखी गई.

औद्योगिक ऑटोमेशन और सटीकता

इलेक्ट्रॉनिकी विभाग के विद्यार्थियों ने ‘रियल टाइम फॉल्ट डिटेक्शन’ सिस्टम तैयार किया है. यह सिस्टम औद्योगिक उत्पादों में कमियों को पहचान कर उनकी छँटाई करने में सक्षम है. प्राचार्य डॉ विजय कुमार गुप्ता ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़ाकर उद्योग जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं.

चनपटिया से अजय चौबे की रिपोर्ट

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