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बेतिया के मझौलिया में मध्याह्न भोजन खाने से 150 बच्चे हुए बीमार, 3 जीएमसीएच रेफर

पश्चिम चंपारण के बेतिया से सामने आया है. मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के परसा पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय परसा बाबू टोला में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन खाने से 150 से अधिक बच्चे बीमार हो गये. इसमें से कईयों को पेट दर्द व उल्टी शुरू हो गया.

बेतिया. बिहार में मिड डे मील योजना का हाल बुरा है. खराब और दूषित भोजन खाकर आए दिन स्कूली बच्चे बीमार हो रहे हैं और मिड डे मील योजना के नाम पर बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. ताजा मामला पश्चिम चंपारण के बेतिया से सामने आया है. मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के परसा पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय परसा बाबू टोला में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन खाने से 150 से अधिक बच्चे बीमार हो गये. इसमें से कईयों को पेट दर्द व उल्टी शुरू हो गया. आनन-फानन में 70 छात्र एवं छात्राओं को सीएचसी मझौलिया भेजा गया. जहां से तीन बच्चों को जीएमसीएच रेफर कर दिया गया. हालांकि सीएस डॉ श्रीकांत दूबे ने सभी बच्चों की स्थिति सामन्य होने की बात कही है.

मुख्य बातें

  • – विद्यालय से 70 बच्चों को एंबुलेंस एवं निजी सवारी से भेजा गया अस्पताल, सीएस बोले-स्थिति सामान्य

  • – विद्यालय में मची अफरातफरी तफरी, अभिभावकों में भारी आक्रोश

  • – राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय परसा बाबू टोला का मामला

दौड़कर विद्यालय पहुंचे अभिभावक

इधर, बच्चों के बीमार होने की सूचना पर विद्यालय में अफरा तफरी फैल गया. अभिभावक दौड़कर विद्यालय पहुंच गये. घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के परिजन और जिले के आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया. बच्चों के बीमार होने का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा है. तीन बच्चों की स्थिति ज्यादा खराब बताई जा रही है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच रेफर किया गया है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुमार अनुभव, मुखिया पुतुल ठाकुर, शिक्षक नेता अजीत कुमार सिंह विद्यालय में पहुंचे और अभिभावकों को शांत करते हुए पीड़ित छात्रों को अस्पताल भेजवाने का काम किया. वहीं सरकारी अस्पताल का दो एंबुलेंस विद्यालय में पहुंचकर छात्रों को अस्पताल लाया. एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के बाद हड़कंप मच गया है.

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एनजीओ द्वारा होती है विद्यालय में भोजन आपूर्ति

जानकारी के अनुसार मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाबूटोला परसा में हर दिन की तरफ शुक्रवार को भी स्कूल में बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा गया था. भोजन में चावल और चना की सब्जी परोसी गई थी. जिसे खाने के बाद अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. सभी को उल्टी और चक्कर के अलावा पेट दर्द की शिकायत होने लगी. एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूनम कुमारी ने बताया कि एनजीओ द्वारा विद्यालय में भोजन आपूर्ति की जाती है. शुक्रवार को जैसे ही छात्रों ने भोजन खाना शुरू किया. छात्रों में बेचैनी पेट दर्द चक्कर आना उल्टी आदि की समस्या उत्पन्न हो गई. मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी तथा एनजीओ के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी. फिलहाल इस घटना ने परसा पंचायत में हलचल मचा दिया है.

रोते बिलखते रहे छात्र, पहुंचे सिविल सर्जन

एमडीएम खाने से जहां कई छात्र बीमार हुए. वहीं अन्य छात्र भयाक्रांत दिखे. तमाम बच्चे रोने बिलखने लगे. बच्चों के अस्पताल पहुंचते हीं पीएचसी प्रभारी डॉ ओमप्रकाश, एएसडीएम अनिल कुमार समेत स्थानीय प्रशासन संक्रमित बच्चों की स्थिति की जायजा लिया. सदर अनुमंडल पदाधिकारी डॉ विनोद कुमार ने बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं. रेफर किया गया बच्चे भी बिल्कुल स्वस्थ हैं. प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच की जाएगी दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी . इस घटना की सूचना पाते ही सिविल सर्जन श्रीकांत दुबे भी विद्यालय में पहुंचे और भोजन सामग्री की जांच कर सैंपल लिया तथा पीड़ित छात्रों की जानकारी ली. कुछ बच्चों ने बताया कि खाना खाने के दौरान चना की सब्जी में कपड़े के एक छोटे टुकड़े में लपेट हुआ कुछ सामग्री दिखा था, जिसे निकालकर भेंक दिया गया था. बता दें कि बिहार के अलग अलग जिलों से सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी की शिकायतें आती रहती हैं.

डीईओ ने की 51 बच्चे के बीमार होने की पुष्टि

जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने बताया कि मिड डे मील खाने के बाद 51 बच्चों की स्थिति बिगड़ने लगी. उनके पेट में दर्द शुरू हो गया. सभी को मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. कुछ बच्चों की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें वापस घर भेज दिया गया है. 32 बच्चों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलिया में चल रहा है और 3 बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच रेफर कर दिया गया है. भोजन में जूट के कपड़े में लपेटे पदार्थ की बात सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं.

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