खोदावंदपुर. खोदावंदपुर अंचल किसान सभा व खेतिहर मजदूर संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को प्रखंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया. सीपीएम के दिवंगत नेता कॉ. शिवाकांत प्रसाद सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता अब्दुल कुद्दुस ने की. कार्यक्रम का संचालन मदन कुमार ने किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीएम के जिला मंत्री कॉ रत्नेश झा ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तानाशाह बन गये हैं. वेनेजुएला के राष्ट्रपति व उनकी पत्नी के साथ उनके द्वारा किया गया अमानवीय व्यवहार शर्मनाक है. उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति व उनकी पत्नी को सम्मान के साथ अमेरिका से अपने देश वेनेजुएला भेजने के कार्य में पहल करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया. मौके पर दयानिधि चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और मजदूरों के साथ सौतेलापन व्यवहार कर रही है. मजदूरों को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए चलायी जा रही महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर मोदी सरकार ने बीबी जी रामजी रख दिया है. यह देश को आजादी दिलाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है. उन्होंने वीबी जी रामजी योजना का नाम फिर से मनरेगा योजना रखने की मांग केंद्र सरकार से की. कार्यक्रम में बोलते हुए राम बिलास सिंह ने नीतीश सरकार पर निरंकुश होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आज बिहार में भी बुलडोजर चलाकर गरीब गुरबे लोगों की झोपड़ी उजाड़ी जा रही है. ऐसे निरीह लोगों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है. कार्यक्रम में खेतिहर मजदूर यूनियन के अंचल मंत्री मोहम्मद अब्दुल कुद्दुस ने कहा कि किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा. खाद व बीज की कालाबाजारी की जा रही है. किसानों को उचित मूल्य पर खाद बीज नहीं मिलता. उन्होंने खाद व बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाने एवं चार श्रम संहिता तथा कृषि विपणन नीति को वापस लेने की मांग की. वहीं माकपा अंचल मंत्री नेतराम यादव ने कहा कि नया बीज विधेयक वापस लिए जाने की मांग की. साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाये जाने की मांग की. सीपीएम नेता राम बहादुर महतो सुमन ने सभी भूमिहीन परिवारों को बसने के लिए 10 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने तथा पहले से बसे भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा दिए जाने की मांग की. कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए एसएफआई के जिलाध्यक्ष मजहर अंसारी, विपिन कुमार, सुनील बिहारी, मोहम्मद इस्तियाक, राज कुमारी देवी, मीना देवी, सुनीता देवी आदि ने बढ़ती मंहगाई व भ्रष्टाचार के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार दोनों को दोषी ठहराया. बताते चलें कि कार्यक्रम से पूर्व किसान मजदूरों का जत्था लाल झंडा अपने हाथों में लिए सरकार के खिलाफ नारे बाजी करता हुआ प्रखंड मुख्यालय पहुंचा और धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गया. वहीं दूसरी ओर धरनार्थियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने बीडीओ से मिलकर मांग पत्र सौंपा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

