रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के लिए तरस रहे यात्री

Updated at : 31 Mar 2025 10:44 PM (IST)
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रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के लिए तरस रहे यात्री

वर्ष 2024-2025 के लिए आम बजट पेश हो चुका है, लेकिन इस बजट में भी बेगूसराय रेलवे स्टेशन के विकास की बात नहीं की गयी.

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बेगूसराय.

वर्ष 2024-2025 के लिए आम बजट पेश हो चुका है, लेकिन इस बजट में भी बेगूसराय रेलवे स्टेशन के विकास की बात नहीं की गयी. जबकि एक स्थान से दूसरे स्थान की सुखद यात्रा करने के लिए लोगों की सबसे पहली पसंद रेल सेवा होती है. पर बेगूसराय रेल सेवा के नाम पर रुपये की उगाही का एक मात्र अड्डा बन चुका है. ऐसे कई जमीनी जरूरतें हैं जिससे अभी तक बेगूसराय रेलवे स्टेशन अछूता है. आलम कुछ ऐसा है कि स्टेशन का विकास कार्य की बात दूर, अब तो लोग विकास की चर्चा भी नहीं करते हैं.करीब 24 करोड़ रुपये हर वर्ष राजस्व की होती है वसूली : बेगूसराय रेलवे स्टेशन से प्रतिवर्ष लगभग 24 करोड़ रुपये के राजस्व की वसूली होती है. लगभग 38 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर होता है. हर दिन करीब 8 से 10 हजार लोग बेगूसराय रेलवे स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करते हैं. बावजूद सुविधाओं के नाम पर बेगूसराय के यात्रियों को झुनझुना थमा दिया जाता है. बेरुखी का आलम ऐसा है कि राजस्व में अव्वल रहने के बाद भी बेगूसराय की बजाय दूसरे स्टेशनों को तब्बजो दी जाती है. तभी तो रेलवे के वरीय अधिकारी बेगूसराय रेलवे स्टेशन से होकर खगड़िया, मानसी नौगछिया स्टेशनों का निरीक्षण कर लेते हैं, लेकिन बेगूसराय रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करना मुनासिब नहीं समझते हैं.यात्री शेड के अभाव में खुले आसमान के नीचे खड़े रहते हैं यात्री : प्लेटफॉर्म संख्या एक एवं दो पर पर्याप्त शेड नहीं रहने की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्टेशन पर संपूर्ण शेड नहीं रहने की वजह से गर्मी के दिनों में यात्रियों को धूप में खड़े रहकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है, तो बरसात के दिनों में यात्रियों को भींग कर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी होती है. गर्मी के दिनों में धूप के कारण लोगों की परेशानी बढ़ जाती है. गर्मी के दिनों में सबसे अधिक परेशानी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने आने वाले यात्रियों को होती है. रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक एवं दो पर पर्याप्त यात्री शेड नहीं रहने से यात्री धूप में खड़े रहकर ट्रेन पकड़ने को मजबूर होते हैं.

इन सुविधाओं का है अभावदो नंबर प्लेटफॉर्म पर पानी की कोई व्यवस्था नहींयात्री शेड नहीं रहने से गर्मी में यात्रियों को होती है परेशानीअतिरिक्त टिकट काउंटर की कोई सुविधा नहींबेहतर साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं-शौचालय एवं पार्किंग स्टैंड के नाम पर होती है लूटवाहन पार्किंग के नाम पर होती है अवैध उगाही

शौचालय जाने वाले यात्रियों से होती है अवैध उगाही

इन सुविधाओं की मांग है तेज

एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए एस्कलेटरदो नंबर प्लेटफॉर्म पर साइड टिकट काउंटरदो नंबर प्लेटफॉर्म पर साइड पार्किंग स्टैंडबेकार पड़े रेलवे की जमीन पर बने सुंदर पार्कपूरे स्टेशन का हो सौंदर्यीकरणबेगूसराय स्टेशन पर बने वाशिंग पीढइतने सामान्य टिकटों की होती है रोज बिक्रीकरीब 10 हजार यात्री खरीदते हैं सामान्य टिकट

10 हजार सामान्य टिकट से होती है करीब चार लाख रुपये की प्रतिदिन आय

इतने रिजर्वेशन टिकट की होती है बिक्री

करीब 400 रिजर्वेशन टिकट की होती है रोज बिक्री400 टिकट से करीब साढ़े चार लाख रुपये की होती है रोज आमदनीआरक्षण काउंटर से लगभग छह करोड़ का होता है राजस्व प्राप्तपार्सल से लगभग 32 लाख का होता है राजस्व प्राप्त

सामान्य टिकट से लगभग 16 करोड़ का राजस्व होता है प्राप्तशौचालय से लगभग 10 लाख रुपये का होता है राजस्व प्राप्त

जुर्माना से लगभग चार लाख का होता है राजस्व प्राप्तपार्किंग स्टैंड से लगभग 29 लाख रुपये का राजस्व होता है प्राप्त

खानपान स्टॉल से लगभग चार लाख का होता है राजस्व प्राप्तइन 13 जोड़ी ट्रेनें का बेगूसराय में नहीं है ठहराव

15633/34 बीकानेर-गुवाहाटी साप्ताहिक ट्रेन15635/36 द्वारकाधाम ओखा-गुवाहाटी साप्ताहिक ट्रेन

12423/24 न्यूजलपाईगुडी-नयी दिल्ली सुपरफास्ट राजधानी एक्सप्रेस22411/12 नाहरलागुन -नयी दिल्ली द्वि-साप्ताहिक एसी ट्रेन

15903/04 चंडीगढ़-डिब्रुगढ़ द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन15933/34 अमृतसर-डिब्रुगढ़ साप्ताहिक ट्रेन

22449/50 गुवाहाटी-नयी दिल्ली पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति द्वि-साप्ताहिक ट्रेन14619/20 अगरतला-फिरोजपुर कैंट साप्ताहिक ट्रेन

14037/38 सिलचर-नयी दिल्ली साप्ताहिक ट्रेन20501/02 अगरतला-आंनदविहार तेजस साप्ताहिक राजधानी एक्सप्रेस

15077/78 लखनऊ-गुवाहाटी साप्ताहिक ट्रेन15621/22 आनंद विहार -कामाख्या साप्ताहिक ट्रेन

क्या कहते हैं दैनिक रेल यात्री संघ के महासचिवजिले में अन्य रेलवे स्टेशनों के मुकाबले बेगूसराय रेलवे स्टेशन राजस्व देने में सबसे अव्वल है. रेलवे केंद्र के अधीन है, बावजूद उपेक्षित है. श्रीबाबू के मरणोपरांत आज बेगूसराय अपने आप को अनाथ सा महसूस कर रहा है.

राजीव कुमार, महासचिव, दैनिक रेल यात्री संघ, पूर्व-मध्य रेल

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AMLESH PRASAD

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