'आपके बच्चे ने पढ़ाई नहीं की, वह मैट्रिक परीक्षा में फेल कर रहा है', बिहार बोर्ड के नाम पर मांगी जा रही राशि
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 27 Mar 2025 9:42 PM
Matric Exam result: सचिन के अनुसार शंभू कुमार सिंह ने कहा कि 30 मार्च को रिजल्ट आ रहा है. जिसमें आपका भाई दो सब्जेक्ट में फेल कर रहा है. दो-तीन बार उसने फोन करके जल्दी पैसा भेजने का दबाव बनाया. ऑनलाइन पैसा भेजने के लिए मनोज कुमार नाम के व्यक्ति सहित दो स्कैनर उसने व्हाट्सएप नंबर 9730968331 से भेजा था.
Matric Exam result: आपने अपने बच्चे की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया, वह मैट्रिक की परीक्षा में फेल कर रहा है. तीन सब्जेक्ट में उसके नंबर ठीक हैं, लेकिन दो सब्जेक्ट में फेल कर रहा है. अगर उसका भविष्य बनाना चाहते हैं, बिहार सरकार से स्कॉलरशिप लेना चाहते हैं तो 4000 रुपया खर्च करना होगा. ऑनलाइन पेमेंट भेज दीजिए, 15 मिनट के अंदर बिहार बोर्ड द्वारा तैयार किया गया मार्कशीट भेज देंगे. यह कहना है अपने को बिहार बोर्ड का स्टाफ बताने वाले शंभू कुमार सिंह का जो मैट्रिक की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट के अभिभावकों को फोन करके यह बातें बता रहा है. सिर्फ एक अभिभावक को ही फोन नहीं आ रहा है, बल्कि दर्जनों को फोन आ चुका है.
कई बार आ रहा फोन
जब 30 मार्च तक मैट्रिक का रिजल्ट जारी होने की संभावना है तो ऐसे में फोन आने से लोग सशंकित हैं तो कुछ लोग उसके झांसे में आ रहे हैं. बेगूसराय के बाघा निवासी सुनील रजक के बेटे ने यह फोन कॉल रिकॉर्ड कर लिया. फोन सिर्फ एक बार नहीं आया, बल्कि कई बार आया. दरअसल बाघा निवासी सुनील रजक का बेटा प्रिंस कुमार बीएसएस कॉलेजिएट स्कूल का छात्र है. 17 से 22 मार्च तक उसने उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बखरी सेंटर पर परीक्षा दी थी. सुनील रजक अपना पारंपरिक पेशा लॉन्ड्री चला कर परिवार का भरण पोषण करते हैं. परिवार के लोग रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे, इसी बीच फोन आ गया.
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नंबर बढ़ा कर 350 कर देंगे
प्रिंस के रजिस्ट्रेशन में सुनील रजक के बड़े बेटे सचिन का मोबाइल नंबर दिया हुआ था. इसी पर बिहार बोर्ड के कथित स्टाफ शंभू कुमार सिंह का फोन आया. जिसमें उसने कहा कि आपने अपने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया. जिसके कारण सोशल साइंस, साइंस और हिंदी में नंबर ठीक है, लेकिन मैथ और संस्कृत में क्रॉस लग रहा है. उसके रिजल्ट का फाइल रेडी हो गया है हम इसलिए फोन कर रहे हैं कि हमको भी कुछ फायदा हो जाए, बच्चे का रिजल्ट सही हो जाए, अच्छा नंबर आ जाएगा तो सरकार स्कॉलरशिप भी 15000 देगी.
इसके लिए 4000 रुपया खर्च करना पड़ेगा, पहले 2000 देना होगा, फिर 15 मिनट में हम बोर्ड द्वारा जारी मार्कशीट को डिलीट करके जो नया मार्कशीट बनाएंगे वह भेज देंगे. उसमें सब चीज मिलान कर लीजिएगा, फिर 2000 रुपया पेमेंट कीजिएगा और हम अपलोड कर देंगे. अभी आपके बच्चे को 218 नंबर आया है, हम उसको बढ़ा करके 350 कर देंगे.
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खुद को बताया बिहार बोर्ड का स्टाफ
प्रिंस के भाई जब पुष्टि करवाना चाहा तो उसने कहा कि पूरा फाइल आ चुका है और उसने प्रिंस का सही रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर, माता का नाम, पिता का नाम, स्कूल का नाम और सेंटर का नाम तक बताया. प्रिंस के भाई सचिन ने बताया कि 92795 67437 नंबर से फोन आया था. फोन करने वाले ने अपने को बिहार बोर्ड का स्टाफ बताया. उसने कहा कि प्रिंस का मार्कशीट अपलोड करने का सभी डाटा आ गया है, तुरंत अपलोड करना है. 15-20 मिनट का समय है, उसने प्रिंस के एडमिट कार्ड का रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर, नाम सहित सब बताया.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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