शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से लगी आग, लाखों की क्षति

Updated at : 28 Apr 2025 10:39 PM (IST)
विज्ञापन
शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी से लगी आग, लाखों की क्षति

बीती रात आंधी-पानी के दौरान राजेन्द्र पुल स्टेशन के समीप बिजली की शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने एनएच-31 किनारे बसे गरीबों के लगभग एक दर्जन आशियाने और दुकान को राख के ढ़ेर में बदल दिया.

विज्ञापन

बीहट. बीती रात आंधी-पानी के दौरान राजेन्द्र पुल स्टेशन के समीप बिजली की शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने एनएच-31 किनारे बसे गरीबों के लगभग एक दर्जन आशियाने और दुकान को राख के ढ़ेर में बदल दिया. इस दौरान अगलगी की घटना से वहां काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा. पीड़ितों की मानें तो तकरीबन 15 से 20 लाख की क्षति हुई है. वहीं घटना के बाद पीड़ित परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल बना हुआ है. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बीती रात तेज हवा चल रही थी. इसी दौरान बिजली के तार का आपस में टकराने से राजीव निषाद के फूसनुमा दुकान पर चिंगारी गिरी और आग लग गयी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और जब तक लोग कुछ समझते अगल बगल के सभी दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया. लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने का हर संभव प्रयास किया लेकिन आग की उठती ऊंची-ऊंची लपटों ने उन्हें बेबस कर दिया. इसके अलावा घर व दुकान के अंदर रखे छोटे-छोटे सिलेंडर के भी ब्लास्ट होने की जानकारी दी गयी. सूचना के बाद घटनास्थल पर पहुंची दो फायर ब्रिगेड की सहायता से आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका लेकिन तब तक जीवन भर की सारी गाढ़ी कमाई जलकर राख हो गये. इस अगलगी की घटना में राजीव निषाद, श्रीलाल निषाद, ठांसो महतो, संजय झा, प्रकाश झा, सीताराम महतो, कुंदन कुमार, मुखिया महतो के अलावा 4-5 अन्य लोगों का दुकान और घर जलकर राख होने की बात स्थानीय लोगों द्वारा बतायी गयी. इस घटना में डीप फ्रीजर, बाइक, साइकिल, मोबाइल, जेवर, नकद रूपया, कपड़ा, अनाज, मिनरल वाटर की बोतलें व गंगा जल के डब्बे सहित एक बकरी भी आग की भेंट चढ़ गयी. पीड़ितों ने बताया कि हवा के कारण आग की लपटें इतनी भयावह थी कि कुछ भी बाहर नहीं निकाला जा सका. वहीं कुछ लोगों ने बताया कि फोरलेन बनाने के दौरान घर टूटा था,उसमें जमीन नहीं मिली तबसे यहीं सड़क किनारे फूस का घर और ऊपर चदरा देकर रह रहे थे. बच्चों का पेट भरने के लिए जीविका के तौर पर आगे किसी ने चाय-नाश्ते की छोटी दुकान खोल ली तो किसी ने मिनरल वाटर और गंगा जल ले जाने के लिए डब्बा बेचना शुरू कर दिया. पीड़ित महिलाओं ने रोते हुए कहा अब रहने के लिए न तो सर पर छप्पर बचा है और ना ही जीविका,कहां जायें और बच्चों का पेट कैसे भरें समझ नहीं आ रहा है. वहीं पंसस प्रतिनिधि सीताराम महतो, पंच रामबालक महतो, समाजसेवी आनंद कुमार वकील, रौदी कुमार, वार्ड सदस्य कुंदन कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार की तत्काल सहायता करने के लिए जिला प्रशासन से मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन