बिहार ओपन स्कूलिंग बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर के 3 ठिकानों पर EOU की रेड, आय से 90% अधिक संपत्ति का खुलासा, 3.44 करोड़ से अधिक अर्जित करने का आरोप
बेगूसराय के परोरा गांव में बीबोस के डिप्टी डायरेक्टर के घर पहुंची EOU की टीम
बिहार ओपन स्कूलिंग बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के ठिकानों पर ईओयू ने 3.43 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी की है.
EOU Raid : बेगूसराय में बिहार ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार की सुबह कार्रवाई शुरू की. EOU की 15 सदस्यीय टीम ने पटना और बेगूसराय स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. जांच एजेंसी के अनुसार अजय कुमार सिंह ने अपनी ज्ञात आय से 90.04 प्रतिशत अधिक यानी 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की संपत्ति अर्जित की है.
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पटना से बेगूसराय तक एक साथ छापेमारी
जानकारी के अनुसार EOU की टीम गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पटना के खाजपुरा स्थित चंद्रतारा भवन पहुंची, जहां तलाशी शुरू की गई. उनके कार्यालय समेत अन्य ठिकानों पर भी जांच चल रही है. इसी कार्रवाई के तहत बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित अजय कुमार सिंह के पैतृक आवास पर भी EOU की टीम पहुंची और तलाशी शुरू की.
करीब 10 वाहनों से परोरा गांव पहुंची टीम
परोरा गांव में कार्रवाई के लिए EOU की टीम करीब 10 वाहनों से पहुंची. अधिकारियों के घर पहुंचते ही तलाशी शुरू कर दी गई. छापेमारी के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. बताया गया कि बीडीओ ललित कुमार सिन्हा, साहेबपुर कमाल थानाध्यक्ष और पुलिस लाइन से एक कैदी वाहन भी टीम के साथ मौजूद था.

पैतृक आवास पर अचानक EOU अधिकारियों और पुलिस बल के पहुंचने से गांव में हलचल मच गई. जैसे-जैसे छापेमारी की खबर लोगों तक पहुंची, आसपास के लोग भी मौके पर जुटने लगे. कार्रवाई को लेकर गांव में दिनभर चर्चा बनी रही.
परोरा गांव के रहने वाले हैं अजय कुमार सिंह
अजय कुमार सिंह साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र की सनहा पूर्वी पंचायत स्थित परोरा गांव के रहने वाले बताए जाते हैं. उनके पैतृक आवास पर EOU की कार्रवाई के बाद गांव में इस मामले की चर्चा तेज हो गई. हालांकि EOU और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से छापेमारी को लेकर फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
वहीं, ग्रामीण भी इस मामले में खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए. छापेमारी की जानकारी जुटाने पहुंचे स्थानीय और बाहरी पत्रकारों को भी कुछ ग्रामीणों की ओर से गांव से चले जाने के लिए कहा गया. ऐसे में कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं.
दो भाइयों में छोटे हैं डिप्टी डायरेक्टर
स्थानीय जानकारी के अनुसार अजय कुमार सिंह दो भाइयों में छोटे हैं. उनके बड़े भाई धर्मेंद्र कुमार सिंह गांव में ही बालू-गिट्टी का डिपो संचालित करते हैं. ग्रामीणों के अनुसार अजय कुमार सिंह का परिवार गांव के संपन्न और प्रभावशाली परिवारों में माना जाता है. हालांकि परिवार की संपत्ति और आर्थिक स्थिति को लेकर ग्रामीणों की ओर से कही गई इन बातों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
EOU की तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच के दौरान अधिकारियों को किन दस्तावेजों, नकदी, संपत्ति से जुड़े कागजात या अन्य सामान के बारे में जानकारी मिली है.
3 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का आरोप
EOU के अनुसार जांच में अजय कुमार सिंह के खिलाफ 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं. इसी आधार पर EOU ने मामला दर्ज कर उनके पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है.
फिलहाल जांच एजेंसी की टीम संपत्ति और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है. छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ या किन संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड मिले हैं, इसका आधिकारिक विवरण जांच पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है. परोरा गांव में चल रही इस कार्रवाई से पूरे इलाके में चर्चा बनी रही. अब कार्रवाई पूरी होने और EOU की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
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