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उन्नत नस्ल से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन, भ्रूण स्थानांतरण जरूरी : एमएलसी

Updated at : 23 Dec 2024 10:21 PM (IST)
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उन्नत नस्ल से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन, भ्रूण स्थानांतरण जरूरी : एमएलसी

दरभंगा स्नातक क्षेत्र के एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा है कि पशुपालक किसानों को लाभ हासिल करने के लिए भ्रूण स्थानांतरण को अमल में लाना जरूरी है.

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बेगूसराय.

दरभंगा स्नातक क्षेत्र के एमएलसी सर्वेश कुमार ने कहा है कि पशुपालक किसानों को लाभ हासिल करने के लिए भ्रूण स्थानांतरण को अमल में लाना जरूरी है. उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं को पालने से ही दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा. वे रविवार को बेगूसराय सदर प्रखंड के शाहपुर गांव के दुर्गा स्थान में गंगा प्रगतिशील डेयरी किसान संगठन द्वारा पशुओं में भ्रूण स्थानांतरण एवं सेक्स्ड सीमन (बछिया जन्म हेतु कृत्रिम गर्भाधान) विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. किसान संगठन का गठन गंगा ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के ग्रामीण प्रबंधन विभाग द्वारा किया गया है. एमएलसी श्री कुमार ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि शाहपुर गांव में किसान संगठन बन गया है. इसी तरह का संगठन वे पूरे जिले में बनाने के वे इच्छुक हैं. इसके लिए जिस गांव के किसान आगे आएंगे वहां वे वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन व नस्ल सुधार करने को लेकर मदद देने को तैयार है. उन्होंने कहा कि कृषि व पशुपालन पर ही जिले का विकास निर्भर है. पशुपालन से किसानों का तकदीर बदलना संभव है. वे राजनीति में नहीं बल्कि रचनात्मक कार्यों में विश्वास रखता हैं. वे खुद पशुपालक हैं. इसलिए जानते हैं कि पशुपालन से मुनाफा नहीं हो रहा है. किसानों को अगर पशुपालन से मुनाफा कमाना है तो सेक्स्ड सीमन का उपयोग करना होगा. अभी बिहार में प्रति पशु औसतन 8 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है जो राष्ट्रीय औसत से बहुत ही कम है. उन्होंने बताया कि गोदरेज के नासिक स्थित डेयरी में 1700 गाय है और सभी 40 लीटर से अधिक दूध देती है. इतने गाय पालने के लिए महज 30 लोग ही लगे हैं. यह सब वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने से संभव हुआ है. श्री कुमार ने नस्ल सुधार पर विस्तार से चर्चा की. कहा अभी सेक्स्ड सीमन खरीदने में अधिक कीमत चुकानी पड़ती है लेकिन किसानों का संगठन बन जाने पर एक साथ अधिक सेक्स्ड सीमन मंगा सकते हैं जिससे कीमत घट जायेगी. उन्होंने कहा कि बिहार में 50 हजार सेक्स्ड सीमन तैयार होता है जबकि सिर्फ बेगूसराय को तीन लाख सीमन की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बेगूसराय में अगर गांव-गांव में पशुपालक किसानों का समूह बन जाय तो वे बेगूसराय में ही सेक्स्ड सीमन का लैब स्थापित कर देंगे. इसके साथ ही उन्होंने पौष्टिक आहार पर भी बल दिया. मौके पर कालेज की ओर से 40 किसानों के बीच पौष्टिक आहार डीडीजी का वितरण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया शारदा प्रसाद सिंह एवं संचालन परियोजना समन्वयक सुश्री सुरभि ने किया. कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल डॉ अभिजीत, सहायक प्राध्यापक गोपाल कुमार, राजीव कुमार व विक्रमादित्य कुमार ने भी अपने विचारों को रखा. धन्यवाद ज्ञापन डॉ श्वेता सिंह किया. मौके पर अर्चना (एचआर) व सहायक प्रोफेसर सुश्री काजल तथा किसानों में सर्वेश कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, महेश्वर सिंह, अवधेश पीडी सिंह, कृष्ण बल्लव सिंह, टुनटुन सिंह व टुल्लू जी आदि प्रमुख रूप में उपस्थित थे.

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