सहयोग के अभाव में दम तोड़ रहा कंसार उद्योग
Updated at : 14 Jan 2020 8:02 AM (IST)
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बेगूसराय : आज के बदलते परिवेश में कंसार का अस्तित्व समाप्त होने की ओर है. अभी भी एक बड़ी आबादी इस व्यवसाय से जुड़ी हुई है. जिले में आज से कुछ वर्ष पूर्व 25 से 30 हजार की संख्या में कंसार चल रहे थे लेकिन आज की तिथि में मात्र 10, 250 कंसार चलाये जा […]
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बेगूसराय : आज के बदलते परिवेश में कंसार का अस्तित्व समाप्त होने की ओर है. अभी भी एक बड़ी आबादी इस व्यवसाय से जुड़ी हुई है. जिले में आज से कुछ वर्ष पूर्व 25 से 30 हजार की संख्या में कंसार चल रहे थे लेकिन आज की तिथि में मात्र 10, 250 कंसार चलाये जा रहे हैं. जिसमें बेगूसराय नगर निगम के कुल 45 वार्डों में 225 कंसार चल रहे हैं.
बताया जाता है कि कंसार चलाने वाले परिवारों का माली हालत दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रही है. इन परिवारों को संसाधन और सहयोग नहीं मिल पा रहा है. भारतीय समाज में यह जिम्मेदारी (कंसार जलाने की) कानू समाज की महिलाओं ने निर्वाह करना शुरू किया. जिला कानू विकास संघ बेगूसराय के द्वारा लगातार 2012 से इन कंसार श्रमिकों के हित में सरकार के पास आवाज उठायी.
सरकार से मांग की गयी कि बेकरी उद्योग के तरह कंसार उद्योग का दर्जा दे कर इसे उत्तर प्रदेश सरकार की तरह आधुनिक मशीन वाला कंसार उपलब्ध कराया जाये. बेगूसराय के एमएलसी रजनीश कुमार को योगाचार्य डॉ गुड़ाकेश कुमार के द्वारा कंसारनों की सरकार से मांग से संबंधित सारी जानकारी और समस्याओं को रखा गया.
जिसके तहत विधान पार्षद के द्वारा 20 मार्च 2018 को बिहार विधान परिषद् के बजट सत्र में सदन पटल पर कंसारनों की समस्याओं को लिखित रूप से मामला उठाया. जिस पर बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में कंसार को उद्योग का दर्जा दर्जा देने की घोषणा करते हुए संपूर्ण बिहार में जीविका दीदी से कंसार का सर्वे करने की भी घोषणा की गयी लेकिन अब दो वर्ष बीतने को हैं. बावजूद कंसार का सर्वे नहीं किया जा रहा है.
15 को कंसार िदवस
जिले में 15 जनवरी को कंसार दिवस समारोह का आयोजन किया जाता है. जिसमें पूरे जिले से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि इसमें शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं.
बोले संघ के संस्थापक
सरकार को ऐसा कुशल श्रमिक महिलाओं को कंसार उद्योग संचालन के लिए घोषणा के अनुरूप कंसारन के खाते में राशि उपलब्ध करायी जाये. साथ ही सरकार इन्हें अनुसूचित जाति-जनजाति में शामिल करे .
डॉ गुड़ाकेश कुमार, संस्थापक, कंसार श्रमिक संघ, बेगूसराय
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